मकान निर्माण मंजूरी में देरी पर सज्जाद लोन ने सदन में उठाया मुद्दा। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीपुल्स कांफ्रेंस के विधायक सज्जाद गनी लोन ने प्रश्नकाल के दौरान मकानों व इमारतों के निर्माण की मंजूरी मिलने में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ टाउन प्लानर के पास ही मंजूरी का अधिकार है व कश्मीर में इनकी संख्या बहुत कम है।
उन्होंने नेकां से कहा कि जिस मुद्दे पर आप ने चुनाव लड़ा, अब ऐसे मुद्दे का पक्ष ले रहे हो। उन्होंने नगर पालिका कानून में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि एक दो साल तो मंजूरी में ही लग जाते है।
आवास एवं शहरी विकास विभाग की तरफ से समाज कल्याण मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि कश्मीर संभाग के टाउन प्लानिंग संगठन में वर्तमान में केवल तीन टाउन प्लानर तैनात हैं, जो 40 शहरी स्थानीय निकायों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
सरकार के अनुसार कश्मीर में कुल 40 शहरी स्थानीय निकाय हैं, जिनमें 10 नगर परिषद और 30 नगर समितियां शामिल हैं। इस प्रकार टाउन प्लानर और शहरों का अनुपात लगभग 1:12 बनता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि जम्मू कश्मीर नगर पालिका कानून की धारा 203 तथा जम्मू कश्मीर यूनिफाइड बिल्डिंग बाय लाज के तहत किसी भी व्यक्ति को शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में किसी भवन का निर्माण, पुनर्निर्माण या संरचनात्मक बदलाव संबंधित नगरपालिका की पूर्व अनुमति के बिना करने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण नियमों के अनुसार विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है, जिसमें टाउन प्लानिंग संगठन से भी एनओसी शामिल है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रत्येक स्थानीय निकाय में नगर स्तर पर एक स्थायी आर्किटेक्ट या इंजीनियर तैनात करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हालांकि, यह भी बताया गया कि टाउन प्लानिंग संगठन का पुनर्गठन कर जिला कैडर बनाया गया है, ताकि प्रत्येक शहर के लिए मास्टर प्लान तैयार करने और उसके क्रियान्वयन में सहायता मिल सके। मंत्री ने कहा कि कानून बदलना अलग बात है। हम विभाग को कहेंगे कि मंजूरी के लिए कम समय लगे। |