search

हिमाचल में आर्थिक तंगहाली के बीच HRTC आरएम के लिए 70-70 हजार के लैपटॉप खरीदे, पेंशनरों ने पूछा यह फिजूलखर्ची क्यों?

Chikheang 1 hour(s) ago views 96
  

एचआरटीसी में लैपटाॅप खरीद पर पेंशनरों ने निशाना साधा है। प्रतीकात्मक फोटो  



राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम 2200 करोड़ के घाटे की मार झेल रहा है। हालात यह हैं कि पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। इसी बीच निगम प्रबंधन ने आरएम को 70-70 हजार रुपये कीमत के लैपटॉप दिए हैं। आरडीजी यानी राजस्व घाटा अनुदान खत्म होने के बाद बने वित्तीय हालात के बीच इस खरीद पर सवाल उठ रहे हैं।

हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन की वीरवार को शिमला के तारादेवी में हुई बैठक में प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन के शिमला इकाई प्रधान तरसेम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इन मांगों पर किया मंथन

बैठक में मुख्य रूप से पेंशनरों को समय पर पेंशन न मिलना, मेडिकल बिलों का भुगतान लंबित रहना, पेंशन एरियर का भुगतान, ग्रेच्युटी और लीव इनकेशमेंट आदि मामलों पर गहन विचार विमर्श किया गया।  
संतोषजनक समाधान नहीं हुआ

जिला शिमला इकाई के प्रधान तरसेम चौधरी ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रबंधन के समक्ष मामले उठाए गए हैं, लेकिन अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही पेंशनरों की मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
पहले से कंप्यूटर लगे हैं, लैपटॉप क्यों

उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन आरएम को लैपटाप दे रहा है, जबकि वहां पहले से कंप्यूटर लगे हैं। बस अड्डों पर लोडिंग अनलोडिंग सुविधा की लागत में बढ़ौतरी की जा रही है और अपने लाभ अर्जित करने परिवहन सुविधाओं के नाम पर किराया वृद्धि की जा रही है।

दूसरी ओर प्रबंधन का मानना है कि इन कदमों से निगम को वित्तीय लाभ होगा, लेकिन संगठन का कहना है कि इससे आम जनता व निगम के कर्मचारियों-पैंशनरों के विकास व भविष्य को ठेस पहुंच रही है।  
28 फरवरी तक का अल्टीमेटम

बैठक में मौजूद राज्य प्रधान देवराज ठाकुर ने कहा कि निगम प्रंबधन व प्रदेश सरकार पेंशनरों के वित्तीय लाभ देने के लिए गंभीर ही नहीं है। संगठन ने निगम प्रबंधन को एक बार फिर 28 फरवरी तक का समय दिया कि यदि इससे पहले मानी गई मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रदेश भर में पेंशनर्ज आंदोलन को मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेवारी निगम प्रबंधन व सरकार की होगी। बैठक में उपाध्यक्ष रोशन चौहान सहित पदाधिकारी मनोज गौतम, चुड़ामणी,देवेंद्र चौहान, राजेंद्र ठाकुर , प्रकाश शर्मा, दयाल सिंह कंवर सहित अन्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश के वित्तीय हालात पर सर्वदलीय बैठक में होगी चर्चा, खर्च कम करने के सुझावों पर कितना अमल हुआ?
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
160538