अब परेशान नहीं कर पाएंगे रिकवरी एजेंट, RBI ने लागू किए सख्त नियम (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। RBI की तरफ से संचालित देश के जितने भी वित्तीय संस्थान (बैंक, ग्रामीण बैंक, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां, सहकारी बैंक आदि) की तरफ से नामित रिकवरी एजेंट अब किसी भी सूरत में कर्ज चुकाने में असमर्थ रहने वाले या देरी करने वाले ग्राहकों से बदतमीजी से पेश नहीं आएंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को इस बारे में विस्तृत लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोन चुकाने में असमर्थ या देरी करने वाले ग्राहकों को अनुचित दबाव से बचाना।
बैंकों को बनानी होगी स्पष्ट नीति
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंकों को अब एक स्पष्ट नीति बनानी होगी, जिसमें रिकवरी एजेंट्स की योग्यता, जांच, आचार संहिता और निगरानी शामिल हो। इससे विशेष रूप से वैसे लोगों को राहत मिलेगी जो रिकवरी के दौरान उत्पीड़न का शिकार होते हैं।
अब बैंकों को सुनिश्चित करना होगा कि रिकवरी प्रक्रिया न केवल कानूनी हो, बल्कि मानवीय भी।पिछले कई वर्षों से रिकवरी एजेंट्स के गैर-कानूनी और अमानवीय व्यवहार की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। कई मामलों में एजेंट्स ने ग्राहकों को धमकी दी, अपशब्द कहे, परिवार को परेशान किया या यहां तक कि शारीरिक हिंसा की धमकी दी।
कुछ रिपोर्ट्स में तो ऐसे मामले सामने आए जहां रिकवरी के दबाव में ग्राहकों ने आत्महत्या तक कर ली। उदाहरण के लिए 2023-2024 में कई राज्यों से ऐसी खबरें आईं जहां माइक्रोफाइनेंस लोन के रिकवरी एजेंट्स ने महिलाओं और किसानों को इतना तंग किया कि वे चरम कदम उठाने पर मजबूर हो गए।
किस तरह के एजेंट्स किए जाएंगे नियुक्त?
सबसे पहले, बैंकों को रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति से पहले उनकी योग्यता और पृष्ठभूमि की जांच करनी होगी। एजेंट्स को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) या इससे जुड़े संस्थानों से डेब्ट रिकवरी एजेंट का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
बैंक को एक आचार संहिता बनानी होगी, जिसमें एजेंट्स और बैंक कर्मचारियों दोनों को शामिल किया जाएगा। एजेंट्स को नियुक्त करने से पहले उनसे लिखित सहमति लेनी होगी कि वे बैंक की नीतियों का पालन करेंगे। यदि कोई एजेंट नियम तोड़ता है, तो बैंक को उस पर दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी, जिसमें अनुबंध समाप्ति भी शामिल है।
ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक अब अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और शाखाओं पर रिकवरी एजेंट्स की अपडेटेड सूची प्रदर्शित करेंगे। इसमें एजेंट्स के नाम, संपर्क विवरण और अनुबंध की अवधि शामिल होगी। यदि किसी एजेंट का अनुबंध खत्म होता है, तो बैंक को तुरंत सार्वजनिक सूचना जारी करनी होगी, ताकि ग्राहक उससे निपटने से बच सकें।
ग्राहकों की जानकारी रहेगी गोपनीय
- रिकवरी केस सौंपने से पहले बैंक को ग्राहक को लिखित नोटिस, एसएमएस या ईमेल से एजेंट की जानकारी देनी होगी। यदि एजेंट बदलता है, तो भी तुरंत सूचना दी जाएगी। ग्राहक की जानकारी को गोपनीय रखना होगा और इसे केवल जरूरी हद तक ही एजेंट्स से साझा किया जाएगा।
- यदि ग्राहक कोई शिकायत दर्ज करता है तो बैंक को रिकवरी प्रक्रिया रोकनी होगी जब तक शिकायत का निपटारा न हो जाए। हालांकि, यदि शिकायत फर्जी साबित होती है, तो प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है। अदालती मामलों में बैंक को सतर्कता बरतनी होगी।
- एजेंट्स या बैंक कर्मचारी ग्राहक से संपर्क केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक कर सकते हैं। यदि ग्राहक किसी विशेष समय पर कॉल न करने का अनुरोध करता है, तो उसका सम्मान किया जाएगा। संपर्क ग्राहक की पसंद की जगह पर होगा, अन्यथा घर या कार्यस्थल पर। दुखद अवसरों जैसे परिवार में मौत, शादी या त्योहारों के दौरान कॉल या विजिट से बचना होगा।
रिकॉर्ड होगी बातचीत
माइक्रोफाइनेंस लोन के लिए रिकवरी एक तय जगह पर होगी, लेकिन यदि ग्राहक दो बार नहीं आता, तो घर या कार्यस्थल पर जाया जा सकता है। सभी कॉल रिकॉर्ड की जाएंगी, और ग्राहक को सूचित किया जाएगा कि बातचीत रिकॉर्ड हो रही है।
कठोर व्यवहार पर पूर्ण प्रतिबंध है। एजेंट्स या कर्मचारी गाली-गलौज, धमकी, झूठी जानकारी या शारीरिक हिंसा की धमकी नहीं दे सकते। सोशल मीडिया पर अनुचित मैसेज भेजना या परिवार या दोस्तों को परेशान करना प्रतिबंधित है।
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