ईडी के रिट याचिका दायर करने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करने पर सहमति जताई कि क्या ईडी संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत एक न्यायिक इकाई (ज्यूरिस्टिक पर्सन) के रूप में अपने अधिकारों के क्रियान्वयन के लिए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर सकती है।
ज्यूरिस्टिक पर्सन वह गैर-इंसानी कानूनी इकाई होती है, जिसे कानून मान्यता देता है और जिसके मानव की तरह अधिकार एवं दायित्व होते हैं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने केरल और तमिलनाडु सरकारों की अपीलों पर ईडी को नोटिस जारी किया।
ईडी के रिट याचिका दायर करने के अधिकार पर SC सुनवाई करेगा
इन अपीलों में केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें ईडी को अनुच्छेद-226 के तहत रिट याचिका दायर करने का अधिकार होने की पुष्टि की गई थी। अनुच्छेद-226 हाई कोर्टों को कुछ रिट जारी करने की शक्ति से संबंधित है।
केरल हाई कोर्ट ने ईडी के रिट दायर करने का अधिकार माना
केरल हाई कोर्ट ने पिछले वर्ष 26 सितंबर को पारित अपने आदेश में एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें 2020 में राजनयिक चैनल के जरिये सोना तस्करी मामले में ईडी जांच की न्यायिक जांच पर रोक लगाई गई थी।
यह न्यायिक जांच आयोग उन आरोपों के बाद गठित किया गया था, जिनमें कहा गया था कि ईडी अधिकारियों ने आरोपितों पर दबाव डालकर मुख्यमंत्री समेत राजनेताओं को सोना तस्करी मामले में फंसाने की कोशिश की थी।
हाई कोर्ट ने केरल सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें एकल पीठ के अंतरिम स्थगन आदेश को चुनौती दी गई थी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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