राज्य ब्यूरो, लखनऊ। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक आफ इंडिया (बीओआइ) की लखनऊ के सदर बाजार में स्थित शाखा में खोले गए खाते के जरिए उत्तर प्रदेश वन निगम के 6.95 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में बैंक व वन निगम कर्मियों की भी मिलीभगत सामने आ रही है।
मामले की जांच कर रही सीबीआइ व पुलिस को मुख्य आरोपित दीपक संजीव सुवर्णा और अनीस उर्फ मनीष के अलावा दो और आरोपितों की तलाश है। बैंक व वन निगम द्वारा मामले को लेकर की गई शिकायतें भी आपस में मेल नहीं खा रही हैं।
वन निगम की 64,82,21,365 रुपये की एफडी एचडीएफएसी बैंक में पूरी होने के बाद वन निगम ने बैंक आफ इंडिया की लखनऊ की सदर बाजार शाखा में एफडी ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसी बीच पहली जनवरी को आरोपितों ने बैंक में संपर्क कर वन निगम के अधिकृत पत्र सहित अन्य फर्जी दस्तावेज देकर खाता खुलवा कर एफडी को उसमें स्थानांतरित करवा लिया था।
इसके बाद इस राशि को आरोपितों ने दो और पांच जनवरी को विभिन्न बैंकों में स्थानांतरित करवा लिया। साथ ही आरोपितों ने इंडियन बैंक की कोलकाता की हुबली शाखा व आइडीबीआइ बैंक की पार्क स्ट्रीट शाखा में वल्ड फूड ग्रुप के खाते में पिछली दो जनवरी को 1,38,26,435 व 1,61,73,535 रुपये स्थानांतरित किए गए थे।
पांच जनवरी को कोटक महेंद्रा बैंक की कोलकाता स्थित शाखा में अंकराज प्राइवेट लिमिटे के खाते में 51,43,550 रुपये, एक्सिस बैंक की सदर बाजार नई दिल्ली शाखा में मैपल क्रिस्ट लाइफ साइंस के खाते में 44,96,330 रुपये, केनरा बैंक की दिल्ली के गणेश नगर शाखा में स्टील मार्ट इंडिया के खाते 1,49,46,304 करोड़ रुपये, आइडीबीआइ बैंक कोलकाता की शाखा में सेव टेक्नोइंफ्राकान के खाते में 48,56,450 रुपये और आरबीएल बैंक की दिल्ली के कीर्ती नगर शाखा में आल ड्रीम डेस्टीनेशन 1,00,57,366 रुपये की राशि ट्रांसफर करवाई थी।
सीबीआइ ने संबंधित बैंकों से खातेदारों की जानकारी मांगी है। सीबीआइ इनसे पूछताछ कर आरोपितों तक पहुुंचने की कोशिश कर रही है। |