गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकलते हुए नगर कीर्तन।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर में आज छठी पातशाही श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी के पावन विवाह-पुरब के उपलक्ष्य में एक भव्य और श्रद्धामय नगर कीर्तन आयोजित किया गया। यह ऐतिहासिक शोभायात्रा श्री गुरु हरिगोबिंद विवाह-पर्व सेवा सोसाइटी द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सहयोग से निकाली गई।
जिसमें देश-विदेश से आई संगतों ने भारी संख्या में भाग लेकर श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बना दिया। सोसाइटी के प्रधान सेवादार जसविंदर सिंह पप्पी और सुखराज सिंह की अगुवाई में यह धार्मिक आयोजन पूरे अनुशासन, मर्यादा और पवित्रता के साथ सम्पन्न हुआ। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा गुरु के महल से हुई।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप सुंदर ढंग से सजी पालकी साहिब में विराजित किया गया और समूचा नगर गुनगुनाती गूंज “वाहेगुरु” के जयकारों से भर उठा। शहर के विभिन्न बाजारों और गलियों से गुजरते हुए संगत ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। वातावरण गुरबाणी के मधुर शब्दों, भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
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गतके का कौशल दिखाते हुए निहंग सिंह।
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गतका दलों ने दिखाया कौशल
रास्ते में गतका दलों ने शानदार युद्ध–कौशल प्रदर्शन कर सिख इतिहास की वीरता और परंपरा की झलक प्रस्तुत की। वहीं रागी जथों के गुरबाणी कीर्तन ने संगत को आत्मिक शांति और भक्ति का अनुपम अनुभव प्रदान किया। बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाएं सभी पूरे जोश और सम्मान के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
नगर कीर्तन का समापन गुरुद्वारा अटारी साहिब में हुआ, जहां गुरु का अटूट लंगर सजाया गया। दूर-दूर से पहुंची संगत ने लंगर का आशीर्वाद ग्रहण किया। श्री हरिमंदर साहिब के मैनेजर विक्रम सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक समागम सिख समाज को अपनी विरासत, मार्यादा और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से मजबूत रूप से जोड़ते हैं। उन्होंने संगत की सेवा भावना और सहयोग के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया।
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