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झरिया के अग्नि प्रभावितों के पुनर्वास के लिए बेलगड़िया में बनी कालोनी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा कदम उठाते हुए झरिया और आसपास के अग्नि-प्रभावित और धसान वाले क्षेत्रों से अपने कर्मचारियों को शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह शिफ्टिंग कोयला मंत्रालय के दिए गय तय सीमा 31 दिसंबर 2025 तक में पूरी की गई है।
इसकी रिपोर्ट कोयला मंत्रालय को जनवरी के प्रथम सप्ताह में झरिया मास्टर प्लान के अधिकारियों ने भेजी है। इसके बाद कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी समीक्षा की। बताया जाता है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में मंत्रालय की टीम भी धनबाद पहुंचने वाली है।
मंत्रालय को दिए गए रिपोर्ट में एरिया स्तरीय विवरण दिया गया है। जिसमें बताया गया कि सबसे अधिक पुटकी बलिहारी, भौरा, लोदना क्षेत्र से लोगों को हटाया गया है। कर्मचारियों का आवास आग व धंसान क्षेत्र होने के कारण उन्हें पास की ही सुरक्षित कंपनी के आवास में पूरी व्यवस्था के साथ शिफ्ट किया गया है।
साथ ही उनके बच्चों को पढ़ाई संबंधित दिक्कत न हो इसको लेकर बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने संबंधित एरिया के जीएम को दिशा निर्देश दिया है कि उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसका ध्यान रखा जाए। साथ ही स्कूल के नामांकन में मदद करें।
दो साल में अति खतरनाक अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से 14431 परिवार होंगे शिफ्ट
81 अति खतरनाक अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 15,026 परिवारों में रैयत और अवैध कब्जाधारी हैं। जिन्हें 2028 तक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने का लक्ष्य है। इसमें 649 बीसीसीएल कर्मी शामिल थे। दिसंबर 2025 तक हटाने का आदेश दिया गया था।
बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के अति-खतरनाक स्थलों से कुल 649 कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। शेष बचे को 2028 तक शिफ्ट करना है। इसकी जिम्मेवारी झरिया पुनर्वास व विकास प्राधिकार को है। इसके लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम लगी हुई है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में लगातार इस पर समीक्षा की जा रही है। झरिया पुनर्वास व विकास प्राधिकार की टीम को भी लोगों को शिफ्ट करने व सत्यापन का काम जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। फरवरी में भी इसमें भी गति पकड़ने की बात कही जा रही है।
यह कार्रवाई उन क्षेत्रों में की जाएगी जहां जमीन के नीचे आग लगी है या जहां भूधंसान का खतरा बहुत अधिक है, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। इन कर्मचारियों को सुरक्षित कालोनियों और बीसीसीएल के अन्य कार्यक्षेत्रों में भेजा गया है। प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को बचाना है जो दशकों से इन असुरक्षित क्षेत्रों में रह रहे थे।
इन क्षेत्रों के कर्मी किए गए शिफ्ट : लोदना 35, बास्टाकोला 12, बरोरा 2, सिजुआ 21, गोविंदपुर 22, ईजे 104, पीबी 453 |
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