जागरण संवाददाता, सहारनपुर। फतेहपुर थाना पुलिस ने पंतजलि के नाम कूटरचित दस्तावेज तैयार ऑर्डर प्राप्त करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से 96 किलो किशमिश और चालीस हजार रुपये, फर्जी सिम, मोबाइल, फर्जी पतंजलि प्रचेज ऑर्डर, फर्जी पतंजलि आईडी कार्ड और घटना में इस्तेमाल की है।
आरोपित ने पतंजलि के नाम पर महाराष्ट्र से 30 कुंतल किशमिश ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगाई थी। इस किसमिश को छुटमुलपुर स्थित बडकला गांव में एक दुकान पर उतार दिया था। आरोपित ने किशमिश की पेंमेंट भी नहीं की थी और फोन बंद कर लिया था। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा।
फतेहपुर थाना पुलिस आरोपित बेहट थानाक्षेत्र के मीरपुर गंदेवड निवासी सुहेल उर्फ हेमंत पुत्र शहजाद को गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ महाराष्ट्र के हीरावाडी पंचवटी नासिक निवासी प्रवीण गोटीराम कुलथे ने 23 अगस्त को फतेहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़ित की प्रवीण ड्राय ग्रेप नाम की फर्म से ड्राई फ्रूट का कारोबार करता है। तीस जुलाई को हेमंत कुमार नाम के व्यक्ति ने खुद को पतंजलि से जुड़ा बताते हुए फोन पर तीन टन किशमिश की सप्लाई मांगी थी। उसी दिन दोनों पक्षों के बीच फोन के जरिए किशमिश की कीमत तय की गई थी। एक अगस्त को हेमंत ने पतंजलि के नाम से करीब सवा आठ लाख रुपये का खरीद का ऑर्डर भेजा था।
ऑर्डर मिलने पर छह अगस्त को किशमिश से लदान कर ट्रक दिल्ली रवाना किया गया था। आठ अगस्त को दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी से किशमिश लेकर हेमंत ने उसे पतंजलि के लिए भेजने की बात कही थी। जिसके बाद ट्रक को रवाना किया गया। इस दौरान भुगतान पतंजलि माल पहुंचने पर देने की बात कही गई थी।
बाद में हेमंत का फोन स्विच आफ हो गया था। उन्होंने ट्रक चालक के माध्यम से खोजबीन की। बाद में पता चला कि उन्होंने किशमिश छुटमलपुर के बड़कला स्थित एक दुकान में उतारी थी।
जब दुकान मालिक से बात की गई तो उसने बताया कि उसने एक व्यक्ति को दुकान एक माह के लिए किराए पर दी थी, लेकिन वह माल उतारने के अगले ही दिन दूसरे वाहन में किशमिश भर कर ले गया था।
उसकी दुकान का किराया भी आरोपित ने नहीं दिया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। |
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