लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर के सभी पूरक मंदिरों व सप्तर्षि मंदिरों में फरवरी के प्रथम सप्ताह से ही दर्शन आरंभ होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने योजना तैयार कर ली है और दर्शनार्थियों की संख्या पर भी विचार किया गया है। प्रारंभिक दौर में प्रतिदिन ढाई हजार से तीन हजार दर्शनार्थियों को पास के माध्यम से ही दर्शन की अनुमति मिलेगी।
रामलला व राजा राम की भांति ट्रस्ट प्रत्येक दो घंटे के लिए पास जारी करेगा। हर दो घंटे के स्लाट में लगभग चार सौ श्रद्धालुओं को पास जारी होंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पास एक प्रकार का ही होगा या दो, परंतु इतना तय है कि पहले पास के आधार पर सीमित श्रद्धालुओं को ही दर्शन मिलेगा।
वर्तमान में जन्मभूमि पर निर्मित भव्य-दिव्य राम मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला व प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राम परिवार का ही पासधारक श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पंचायतन पद्धति के अनुसार परिसर के परकोटे के मध्य बनवाए गए छह देवी-देवताओं के मंदिरों, शेषावतार मंदिर और रामायणकालीन सात ऋषियों-मुनियों के मंदिरों में दर्शन नहीं प्रारंभ हो सका है।
केवल खास लोग ही कर पा दर्शन
इन 14 मंदिरों के साथ दक्षिणी हिस्से में स्थित कुबेर टीले का दर्शन केवल विशिष्टजन ही कर पा रहे हैं। सभी पूरक मंदिरों व सप्तर्षि मंदिरों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा गत वर्ष पांच जून को ही हो गई थी, परंतु पूरक मंदिरों में निर्माण अवशेष होने से दर्शन नहीं शुरू किया जा सका। अब जबकि निर्माण से जुड़ा समस्त कार्य पूरा हो गया और परकोटे की फिनिशिंग व साफ-सफाई भी जनवरी तक पूरी हो जाने की संभावना है। इस कारण ट्रस्ट ने फरवरी से दर्शन शुरू करने की योजना बनाई है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार योजना पर हुई चर्चा के आधार पर पास के माध्यम से प्रतिदिन ढाई हजार या तीन हजार दर्शनार्थियों को 15 मंदिरों में दर्शन सुलभ हो सकेगा।
पासधारक श्रद्धालु कुबेर टीले पर प्रतिष्ठित कुबेरेश्वर महादेव का भी दर्शन कर पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि आगामी 23 जनवरी को मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में दर्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद दर्शन शुरू कर दिए जाने की संभावना है। राम मंदिर के व्यवस्थापक व विहिप पदाधिकारी गोपाल राव ने भी कहाकि पहले पास के आधार पर ही दर्शन कराने की योजना है। प्रतिदिन तीन हजार दर्शनार्थियों को अनुमति देने का विचार है। पास दो-दो घंटे के लिए बनाए जाएंगे।
इन 15 मंदिरों में मिलेगा दर्शन
परकोटे के मध्य निर्मित भगवान शिव, गणेश, सूर्य, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा व हनुमान जी का मंदिर, परकोटे के बाहर निर्मित शेषावतार लक्ष्मण जी का मंदिर तथा महर्षि वाल्मीकि, गुरु विश्वामित्र, गुरु वशिष्ठ, ऋषि अगस्त्य, माता शबरी, देवी अहिल्या व निषादराज गुह्य के मंदिर के साथ कुबेर टीला। |
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