जागरण संवाददाता, कानपुर। कोडीन युक्त सीरप और नशील दवाएं बिक्री करने वाले मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स फर्म के संचालक विनोद अग्रवाल के खिलाफ पुलिस अब कुर्की की तैयारी कर रही है। उसके खिलाफ कुछ दिन पहले गैर जमानतीय वारंट लिया गया था, जिसके बाद से कई संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन सुराग नहीं लगा।
वहीं, एसआइटी को उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हिमांचल, ओडिसा, असम, मिजोरम राज्यों के जिलों के 200 से अधिक फर्माें के नाम अब तक मिल चुके हैं, जहां शहर से लगभग 12 लाख कोडीन युक्त सीरप की शीशियां भेजी गई थीं।
एसआइटी अब उन फर्मों के सत्यापन में जुटी है। इसके लिए कुछ दिन पहले पुलिस की 30 सदस्यीय टीम भी उन राज्यों में भेजी गई थी।
औषधि लाइसेंस की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीन युक्त सीरप व नशीली दवाएं खरीदने और बेचने वाली चार फर्मों के लिए औषधि निरीक्षक ओमपाल सिंह ने कलक्टरगंज थाने में चार मुकदमे कराए थे। इसके अलावा रायपुरवा थाने में भी एक मुकदमा कराया था।
इसमें अग्रवाल ब्रदर्स के संचालक विनोद अग्रवाल, उनका बेटा शिवम अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा व वेद प्रकाश शिवहरे आरोपित हैं, जबकि रायपुरवा थाने में दर्ज एक मुकदमे में सुमित केसरवानी को आरोपित बनाया गया था।
इन मुकदमों में उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा समेत 12 राज्यों के जिलों की 200 से अधिक ऐसी फर्में हैं, जिसमें कोडीन युक्त सीरप व नशीली दवाओं की खरीद व बिक्री होना दिखाया गया था। औषधि निरीक्षक की जांच में ज्यादातरी फर्में फर्जी निकली थीं।
इसको लेकर कुछ दिन पहले प्रदेश स्तर की एसआइटी की बैठक में भी जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद एसआइटी ने जांच करते हुए कुछ ट्रांसपोर्टर व ट्रैवल एजेंसी के संचालकां से भी संपर्क कर जानकारी ली है।
कुछ संदिग्ध लोगों के नंबर व ईवे बिल भी मिले हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विनोद अग्रवाल का गैर जमानतीय वारंट भी पूर्व में लिया जा चुका है। उसकी तलाश की जा रही है।
अब उसके खिलाफ कुर्की की तैयारी चल रही है। कोर्ट में जल्द इसके लिए अर्जी दी जाएगी। एसआइटी के सदस्य व एसीपी कलक्टरगंज आनंद ओझा ने बताया कि वह अभी शहर से बाहर हैं। मामले में जांच चल रही है। |