विद्यार्थियों की चेतावनी। जायज मांगें पूरी किए बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। मनसा देवी काॅम्पलेक्स स्थित संस्कृत कालेज में छात्रों ने गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि उनके लिए हाॅस्टल की उचित व्यवस्था नहीं है और जो नई बिल्डिंग बन रही है, उसका निर्माण चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। इस कारण छात्राएं रात के समय बाथरूम के लिए मंदिर तक जाती हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है।
छात्रों ने यह सवाल उठाया है कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो काॅलेज प्रशासन इसकी जिम्मेदारी कब और कैसे लेगा। इस संबंध में छात्रों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें उनकी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा गया।
छात्र गोविंद ने बताया कि ज्ञापन देने वाले दो छात्रों को स्टाफ द्वारा अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया और उनके घरों पर फोन करके डराने की कोशिश की जा रही है। छात्रों का कहना है कि उनके कागज पर लाल पैन चलाने की धमकी दी जा रही है, लेकिन वे अपनी जायज मांगें पूरी किए बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
धरने पर छात्र रातभर खुले आसमान के नीचे डटे रहे। उनका आरोप है कि बाहरी लोगों को उन्हें डराने के लिए भेजा जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। छात्रों ने पुलिस थाने में ले जाकर धमकाने की भी शिकायत की है। छात्रों ने बताया कि जिस जगह पर दिन में कक्षा चलती है, वही रात में हाॅस्टल बन जाता है और लड़के-लड़कियां एक ही जगह में रुकते हैं।
यदि कोई शिकायत करता है तो उसे फेल करने, निष्कासित करने या चरित्र प्रमाण पत्र पर लाल पैन लगाने की धमकी दी जाती है। कालेज में संस्कृत विषय के आठ पद खाली पड़े हैं। छात्रों के लिए हाॅस्टल में 11 कमरे अलाट किए हैं। इसमें आठ कमरे छात्राओं के लिए और तीन कमरे छात्रों के लिए रखे गए हैं।
इसके अलावा छात्रों की मांग पर काॅलेज स्टाफ में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। कालेज प्रिंसिपल सीमा ने छात्रों के आंदोलन को लेकर कहा कि यह इतना बड़ा मामला नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही छात्रों के साथ बैठक कर इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। |