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मां वैष्णो देवी यात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। फाइल फोटो।
राकेश शर्मा, कटड़ा। पवित्र मकर संक्रांति के अवसर पर मां वैष्णो देवी की स्वर्ण-जड़ित पवित्र एवं प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलते ही भवन परिसर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुवार को करीब 1000 श्रद्धालुओं को पवित्र व प्राचीन गुफा में प्रवेश कर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बुधवार को विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र गुफा के कपाट खोले गए थे। हालांकि पहले दिन सीमित श्रद्धालुओं को ही दर्शन का अवसर मिला, लेकिन गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक भवन पर मौजूद श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा में प्रवेश की अनुमति दी गई।
हर कोई इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने को आतुर
इस दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और हर कोई इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने को आतुर नजर आया। और करीब एक हज़ार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा से होकर माँ वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन किए। पवित्र गुफा में प्रवेश कर मां के दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर विशेष आभा और संतोष झलकता दिखा।
दिल्ली से आई महिला श्रद्धालु मोनिका सिंह, रश्मि जैन और संजना ने भावुक होते हुए कहा कि वे पिछले दस वर्षों से इस पवित्र गुफा के दर्शनों की आस लगाए हुए थे, जो आज मां वैष्णो देवी की कृपा से पूर्ण हुई। हरियाणा के फरीदाबाद से आए योगेश कोहली, सुमित यादव और सुजान सिंह ने कहा कि वे स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि पहली ही यात्रा में उन्हें पवित्र गुफा से मां के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कई श्रद्धालु भीड़ के कारण नहीं कर पाए पवित्र गुफा के दर्शन
वहीं उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालु मीणा पाल, राधिका और मनोज कुमार ने बताया कि घर से निकलते समय उन्होंने मां से पवित्र गुफा के दर्शन की प्रार्थना की थी, जिसे मां ने स्वीकार कर उनकी मनोकामना पूर्ण कर दी। हालांकि भीड़ के कारण कई श्रद्धालु प्राचीन गुफा के बंद होने तक इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी।
बावजूद इसके श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाते हुए कृत्रिम गुफाओं के माध्यम से दर्शन जारी रखे और माता के चरणों में हाजिरी लगाई। श्राइन बोर्ड के अनुसार मकर संक्रांति पर खोली गई पवित्र व प्राचीन गुफा मार्च माह के प्रथम पखवाड़े तक श्रद्धालुओं के लिए खुली रह सकती है, क्योंकि इस अवधि में सामान्यतः यात्रा का दबाव कम रहता है।
बोर्ड की कोशिश है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा के दर्शन का अवसर मिले, जिसके लिए दिन के साथ-साथ रात्रि के समय भी दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पवित्र गुफा के खुलने की सूचना के बाद वैष्णो देवी यात्रा में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
14,000 श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना
14 जनवरी को जहां 23,900 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में नमन किया, वहीं 15 जनवरी को शाम 4 बजे तक करीब 14,000 श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।
कड़ाके की ठंड के बावजूद गुरुवार को मौसम साफ रहा और श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, रोपवे केवल कार सेवा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा श्रद्धालु घोड़ा, पिट्ठू और पालकी के माध्यम से भी यात्रा करते नजर आए। जनवरी माह में अब तक करीब 3.50 लाख श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके हैं और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। |
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