search

गोरखपुर पुस्तक मेले में साहित्य, रंगकर्म और संवाद का दिखा संगम

cy520520 2026-1-15 13:57:33 views 409
  

गोरखपुर महोत्सव के तहत लगे पुस्तक मेले में उमड़े पाठक। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव के चौथे दिन पुस्तक मेले का परिसर शिक्षा, संस्कृति और प्रेरणा का जीवंत मंच बन गया। इस मंच से साहित्य, रंगकर्म और संवाद का संगम देखने को मिला। इसे लेकर पूरे दिन आयोजनों का सिलसिला अनवरत चला। लोकगायक व रंगकर्मी पवन पंछी और उनकी टीम ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी और उसके जरिये शिक्षा विभाग की योजनाओं की जानकारी रोचक तरीके से दी। पवन ने लोकगीतों के जरिये शैक्षिक विकास की धारा बहाई। लोगों को देश व प्रदेश में शिक्षा के विकास की कहानी सुनाई।  

अजय बरनवाल व सुमित गुप्ता की टीम की ओर से कठपुतली का शो दिखाया गया। शो में शिक्षा और देश के विकास को एक-दूसरे का पूरक बताया गया। बच्चों ने इस शो को बड़े उत्साह से देखा और आनंदित हुए। साहित्यिक सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमेंं कवि-कवयत्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया। डा. चेतना पांडेय, संदीप सिंह श्रीनेत, अजय पटेल, आकृति विज्ञा अर्पण और रविराज पाठक ने कविताओं अपनी कविताओं से प्रेम, त्याग, पलायन और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली तरीके से उकेरा।  

व्यक्ति विशेष सत्र में टीवी एंकर अमृता चौरसिया से राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक प्रवीण कुमार मिश्रा ने संवाद किया। संवाद के दौरान अमृता ने अपने संघर्षपूर्ण विद्यार्थी जीवन से लेकर राष्ट्रीय मंच तक के सफर को साझा करते हुए कहा कि सफलता कोई अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली यात्रा है।

उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि हिम्मत हमारी सोच से आती है और वास्तविक जीवन की तैयारी अतिरिक्त गतिविधियों से होती है। उनके सूत्र \“परिधान से नहीं, सोच से माडर्न बनिए\“ ने श्रोताओं पर गहरी छाप छोड़ी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी और जिला समन्वयक विवेक जायसवाल ने अतिथियों का सम्मान किया और अगले दिन के साहित्यिक आयोजनों में अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की। मंच का संचालन विकास चंद्र राय ने किया।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में महिला बास्केटबाल चैंपियनशिप आज से शुरू, कल सीएम योगी करेंगे उद्घाटन

कार्यक्रमों में बच्चों के साथ-साथ महोत्सव परिसर में हिस्सा लेने आए लोगों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। पुस्तक मेले के पंडाल में मनोरंजन और सीख का सुंदर संतुलन देखने को मिला।

किताब खरीदने के लिए उमड़ी पाठकों की भीड़
महोत्सव परिसर में बुधवार को पहुंचने वाले लगभग हर व्यक्ति ने पुस्तक मेले के पंडाल में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ऐसे में पूरे दिन मेले के स्टालों पर पाठकों की भीड़ उमड़ी रही। इनमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल रहे। बच्चों ने सचित्र किताबोंं को खरीदा तो युवाओं का जोर नई किताबों पर रहा।

स्टाल के संचालकों के अनुसार मशहूर किताबों की बिक्री सर्वाधिक हो रही है। नए लेखकों की किताबें भी पर्याप्त बिक रही हैं। पुस्तक मेले के संचालन मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि गोरखपुर महोत्सव के बड़े आयोजनों की समाप्ति के बाद लोगोें का रुझान पुस्तक मेले की ओर बढ़ा है। मेला 17 जनवरी तक चलेगा, ऐसे में हर दिन किताबों की बिक्री का बढ़ना जारी रहेगा।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164086