पंजाब यूनिवर्सिटी में नए कोर्स के आने से युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगें।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से जुड़े कॉलेजों में अगले सत्र से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे नए बीएससी कोर्स शुरू किए जाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों के लिए रोजगार से जुड़ी पढ़ाई की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कुलपति ने कहा इन नए कोर्स के आने से युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगें। यूनिवर्सिटी का मकसद स्टूडेंट्स को आज की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है।
कुलपति ने कहा कि पीयू के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है, जिस पर विश्वविद्यालय को गर्व है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं दी जा रही हैं, नए कोच नियुक्त किए जाएंगे और उनकी समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता पर किया जा रहा है। खिलाड़ियों को ऑनलाइन और एक से ज्यादा बार परीक्षा देने की सुविधा भी दी जा रही है।
फैकल्टी की कमी होगी दूर
कुलपति रेणु विज ने बताया कि यूनिवर्सिटी में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसे दूर करने के लिए 100 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुल 1378 स्वीकृत पदों के मुकाबले अभी करीब 650 शिक्षक ही कार्यरत हैं। खाली पदों को जल्द भरा जाएगा।
पानीपत में टेक्सटाइल रिसर्च सेंटर, बनेगा हॉल ऑफ फेम
कुलपति ने बताया कि पीयू में शोध को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में टेक्सटाइल रिसर्च सेंटर खोलने की योजना है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के गौरवशाली इतिहास को सहेजने के लिए ‘हॉल ऑफ फेम’ बनाया जाएगा, जिसमें पुराने फोटो और दस्तावेज प्रदर्शित होंगे।
मल्टीपर्पज हाॅल और स्मार्ट कार्ड सुविधा
कैंपस में जल्द ही 2400 सीटों वाला नया मल्टीपर्पज हाल शुरू होगा। छात्रों के लिए स्मार्ट कार्ड सुविधा को एक हाॅस्टल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को सुधारने और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।
2025 में रिसर्च और रैंकिंग में पीयू ने बनाई पहचान
वर्ष 2025 में पंजाब यूनिवर्सिटी ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान करीब 2400 शोध पत्र प्रकाशित हुए। यूनिवर्सिटी का एच-इंडेक्स 272 रहा। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में पीयू को 276वां स्थान मिला और अब तक 200 पेटेंट भी मिल चुके हैं। |
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