शिक्षा निदेशालय शिमला ने अनुशासनहीनता पर शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के दाहन स्कूल में तैनात एक शिक्षक बिना अनुमति के 234 दिन अनुपस्थित रहा। शिक्षक पर करीब चार लाख रुपये का गबन का भी आरोप है। जांच के बाद शिक्षा निदेशालय शिमला ने इस पर कार्रवाई करते हुए सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया है।
निदेशालय स्कूल शिक्षा हिमाचल प्रदेश ने शासकीय सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में अंग्रेजी के प्रवक्ता संजीव पासी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
जिला सिरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दहान में तैनाती के दौरान संजीव पासी पहली जून 2022 से 30 नवंबर 2023 के बीच विभिन्न चरणों में कुल 234 दिन बिना अनुमति के अनुपस्थित रहे।
जांच के बाद आरोप सिद्ध
निदेशालय के अनुसार यह कृत्य नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। विभागीय जांच के दौरान जांच अधिकारी ने सभी आरोपों को सिद्ध पाया। जांच रिपोर्ट और संबंधित अभिलेखों पर विचार करने के उपरांत सक्षम प्राधिकारी ने तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति की मुख्य दंड की सजा अधिरोपित की।
4.13 लाख के वित्तीय गबन का भी आरोप
इसके अलावा दहान स्कूल में कार्यकाल के दौरान संजीव पासी पर लगभग 4.13 लाख के वित्तीय गबन का भी आरोप है। इस संबंध में विभाग ने 04 अक्टूबर 2025 को पृथक आरोप-पत्र जारी किया है। इस मामले की विभागीय जांच अभी प्रचलित है और जांच पूर्ण होने पर इसमें स्वतंत्र रूप से अलग दंड भी दिया जा सकता है।
अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि
निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि है और सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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