दुकानों पर जांच करते पुलिस अधिकारी
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। चाइनीज मांझा यानि की पतंग उड़ाने के लिए प्रयुक्त होने वाली सिंथेटिक डोर। यह चाइनीज मांझा सिर्फ मानव जीवन के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि पक्षियों, वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। यही वजह है कि सरकार की ओर से चाइनीज मांझा के निर्माण करने, बिक्री, भंडारण और एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर भी रोक लगा रखी है।
इसके बावजूद जिले की दुकानों पर चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगा रखी है। जिले की वन विभाग की टीम ने पतंग और मांझा की दुकान पर जाकर संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया। डिप्टी रेंजर शेर सिंह, फारेस्ट गार्ड अमित तिवारी ने पुलिस टीम के सहयोग से रेलवे स्टेशन रोड पर अभियान चलाकर पतंगों की दुकानों को चेक किया।
दुकानदारों को जन और वन्यजीवों के लिए खतरा बने चाइनजी मांझे की बिक्री न करने के निर्देष दिए। इस मांझा से होने वाले नुकसान के बारे में आम जन को जागरूक किया। वन विभाग की ओर से नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में चेकिंग की जाएगी। डीएफओ सामाजिकी वानिकी भरत कुमार ने बताया कि नायलोन व रासायनिक पदार्थों से बना चाइनीज मांझा सामान्य सूती डोर की तरह नष्ट नहीं होता।
यह पक्षियों, जानवरों, बिजली की लाइनों और वाहनों में फंसकर जन सामान्य के साथ ही पक्षियों, वन्यजीवों के लिए गंभीर चोटें, करंट लगने और मृत्यु का कारण बनता है। वन क्षेत्रों और हरित पट्टियों में यह मांझा चील, कबूतर, गिद्ध और अन्य पक्षियों के पंख कटने, खून बहने और मृत्यु का प्रमुख कारण रहा।
बिजली की लाइनों में फंसने से इससे आग लगने का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा बिक्री करते, भंडारित करते या उसका प्रयोग करते हुए पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत शिकार की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा की बिक्री, भंडारण या उपयोग न करे।
- चाइनीज मांझा की सूचना तुरंत दें, जिसके बदले इनाम भी दिया जाएगा।
- पर्यावरण अनुकूल सूती मांझा का ही उपयोग करें।
- पतंगबाजी सुरक्षित व खुले स्थानों पर करें।
- धागों का उपयोग करने के बाद डोर को इकट्ठा कर सही तरीके से नष्ट करें।
- अभिभावकों अपने बच्चों को इस घातक मांझे से दूर रखें।
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