जागरण संवाददाता, लखनऊ। सोना व चांदी के दाम रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर दिन एक नया रिकार्ड यह दोनों धातुएं बना रही है। पिछले चार दिनों में सोना जो 1,41,000 रुपये प्रति दस ग्राम के ईद गिर्द थी, उनमें छह हजार रुपये प्रति दस ग्राम तेजी आ गई है और बुधवार को 1,47,100 रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच गई, डेढ़ लाख से मात्र 2900 रुपये दूर है।
चांदी जो एक दम से चालीस हजार रुपये प्रति किलो गिर गई थी। विशेषज्ञ भी मान रहे थे कि चांदी को अपने पुराने स्तर पर पहुंचने मेंं महीनों लग सकते हैं, उसने ऐसी तेजी दिखाई कि चार दिन पहले जो चांदी दो लाख तिरपन हजार रुपये प्रति किलो थी, वह बढ़कर 2.91 लाख रुपये प्रति किलो बुधवार की शाम को पहुंच गई।
नौ हजार रुपये तीन लाख से मात्र दूर बची है। स्थिति यह हाे गई कि बाजार में कारीगरों के पास काम न के बराबर बचा है। क्योंकि आम ग्राहक जो पायल को जुड़वाने, बिछिया भी खरीदने के लिए भी पहुंचता था, वह न के बराबर पहुंच रहा है।
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के नार्थ हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सोने की सबसे बड़ी मंडियों में लखनऊ व मेरठ हैं। यहां बढ़ते दाम के कारण कारीगरों के पास कम नहीं है। वहीं पायल, बिछिया के लिए आगरा, मथुरा में कुंतलों काम होता था।
अब चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण कारीगरों का एक बड़ा वर्ग खाली बैठा है। क्योंकि आर्डर ही नहीं आ रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो दस प्रतिशत काम भी बंद हो सकता है।। क्योंकि बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में सिर्फ खरीदने व बेचने वाले ज्यादा बचे हैं।
चौक सर्राफा बाजार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदिश जैन कहते हैें कि सोने के दाम जिस गति से बढ़ रहे हैं उसके पीछे कारण अमेरिका की मनमानी साफ दिखती है। उन्होंने बताया कि यह दाम यहीं नहीं रुकने वाले, क्योंकि वैश्विक हालात बहुत अच्छे नहीं है। निवेशकों के लिए समय अच्छा है, इस माहौल में वह खरीद कर सकते हैं।
वरिष्ठ महामंत्री विनोद महेश्वरी कहते हैं कि सोने व चांदी की भले आम ग्राहकों से दूर हो गई हो लेकिन बाजार में अभी भी एक बड़ा वर्ग है जो निवेश करना उचित मान रहा है। उनके मुताबिक सोना एक नया रिकार्ड बनाने को बेताब है और डेढ़ लाख तक सोना जल्द होगा। वहीं चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो पर अपना रिकार्ड बना सकती है। भविष्य में यह दोनों धातु कहां जाकर कुछ समय के लिए ठहरेंगी, उस पर कोई विशेषज्ञ टिप्पणी करने से बच रहा है। |