जागरण संवाददाता, नोएडा। प्राधिकरण के वर्क सर्किल-तीन, छह और नौ के अवर अभियंता ने सरकारी भूमि पर नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध निर्माण कराने वाले 15 निर्माणकर्ताओं पर सेक्टर-49 और सेक्टर-126 थानों में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट पर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने जमीन का भौतिक निरीक्षण कर जांच के निर्देश दिए हैं।
रात होते ही शुरू कर देते हैं निर्माण
वर्क सर्किल-तीन के अवर अभियंता प्रदीप कुमार ने सेक्टर-49 पुलिस को शिकायत दी कि सेक्टर-48 के ग्राम बरौला में खसरा संख्या 628 अर्जित भूमि पर राजू, ब्रजपाल और लाकेश अवैध व अनधिकृत निर्माण कर रहे हैं। सूचना मिलने पर टीम ने तीनों निर्माणकर्ताओं को निर्माण न करने की सख्त हिदायत दी। फिर भी तीनों ने धड़ल्ले से निर्माण करते हुए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम, 1976 की धारा-10 का उल्लंघन जारी रखा है। आरोप है कि निर्माणकर्ता कार्रवाई से बचने के लिए रात के अंधेरे में निर्माण कराते हैं।
निर्माणकर्ताओं ने नहीं सुनी प्राधिकरण की चेतावनी
वर्क सर्किल-छह के अवर अभियंता यशपाल सिंह ने शिकायत में बताया कि सलारपुर के अधिसूचित खसरा संख्या- 595, 596, 597, 598 और 600 की भूमि पर अवैध निर्माण कर नियमों की अनदेखी हो रही है। प्राधिकरण की जांच में पता चला है कि निर्माण कराने में दिल्ली पटपड़गंज के आर्य नगर अपार्टमेंट निवासी मनीष गुप्ता, प्रवीन अग्रवाल, राजीव शर्मा, लोकेश गर्ग, आशीष शर्मा, भरत बंसल, अनुज, सन्नी गुप्ता, टीम अचीवर्स ग्लोबल, अभिषेक बंसल और पुनीत बंसल आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। पूर्व में सूचना मिलने वर वर्क सर्किल की टीम ने कर्मचारियों की मदद से अवैध निर्माण हटवा दिया था लेकिन, आरोपित रातों-रात अवैध निर्माण का प्रयास कर रहे हैं।
सुल्तानपुर में भी अवैध निर्माण जारी
वर्क सर्किल-नौ के अवर अभियंता गिरिराज किशोर गुप्ता ने सुखमीत वालिया व अन्य के खिलाफ सेक्टर-126 थाना पुलिस को मुकदमा कराया है। आराेप है कि निर्माणकर्ता सुल्तानपुर में प्राधिकरण के अर्जित खसरा संख्या- 495, 496 और 497 पर अवैध व अनाधिकृत निर्माण करा रहे हैं। अवैध कब्जे के लिए मिस्त्री व श्रमिकों से निर्माण कराने में जुटे हैं।
सर्किल की टीम ने निर्माण करने से रोका तो वे नहीं मानें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी गई है। एडीसीपी शैव्या गाेयल का कहना है कि शिकायत के आधार पर विभिन्न थानों में निर्माणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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