पंजाब में स्कूली परीक्षाओं का बदलेगा पैटर्न (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शिक्षा विभाग स्कूलों में परीक्षा प्रणाली को नई दिशा देने की तैयारी में जुटा है। विभाग की योजना है कि मौजूदा रटने आधारित शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करके छात्रों को सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में लाया जाए।
इस प्रस्तावित सुधार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें छात्रों की समझ, विश्लेषणात्मक क्षमता और जीवन कौशल को प्राथमिकता दी गई है।
नई शिक्षा प्रणाली में क्या है?
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में प्रश्नपत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब परीक्षाओं में ऐसे सवाल बढ़ाए जाएंगे, जो विद्यार्थियों को किसी विषय पर गहराई से सोचने और अपने विचार लिखने के लिए प्रेरित करें।
इससे छात्रों में समस्या समाधान क्षमता विकसित होने की उम्मीद है। वहीं, केवल याद करके या रटकर लिखने वाले सवालों की संख्या घटाई जाएगी, ताकि परीक्षा में वास्तविक सीख का परिक्षण हो सके।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा सुधार
सूत्रों का कहना है कि यह सुधार चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआत कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवी और बारहवीं की बोर्ड जैसी परीक्षाओं से होने की संभावना है। मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया जाएगा, जिसमें प्रोजेक्ट, असाइनमेंट, मौखिक मूल्यांकन और कक्षा में की गई गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इससे छात्र पूरे वर्ष सीखने पर ध्यान देंगे, न कि सिर्फ परीक्षा के दिनों में।
इसी के साथ डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है। ऑनलाइन जांच से परिणाम जल्दी आएंगे और मूल्यांकन में मानवीय त्रुटियां कम होंगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व विश्वसनीय बन सकेगी।
सुधार के अनुरूप तैयार होंगे प्रश्नपत्र
शिक्षकों की भूमिका भी इस नई प्रणाली में महत्वपूर्ण होगी। विभाग की ओर जल्द ही शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि उन्हें नए परीक्षा पैटर्न की पूरी जानकारी दी जा सके और वे छात्रों को बेहतर ढंग से मार्गदर्शन दे सकें। इसके अलावा प्रश्नपत्र बनाने वाले विशेषज्ञों को भी इस सुधार के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बदलावों की पंजाब को काफी समय से जरूरत थी। वर्तमान परीक्षा व्यवस्था में छात्र अक्सर सिर्फ अच्छे अंक और टाप रैंक के लिए मेहनत करते हैं, जबकि सीखने का मुख्य उद्देश्य कहीं पीछे छूट जाता है। नई प्रणाली छात्रों पर अनावश्यक परीक्षा दबाव कम करने में भी मदद करेगी।
शिक्षा गुणवत्ता में आगे बढ़ेगा राज्य
विभाग का दावा है कि अगर यह बदलाव सफलतापूर्वक लागू हो गए तो पंजाब शिक्षा गुणवत्ता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह सुधार एक नई उम्मीद लेकर आएगा, जिसमें परीक्षा सिर्फ अंकों का खेल नहीं, बल्कि वास्तविक ज्ञान और कौशल का प्रमाण होगी। |