Inter district teacher transfer: ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन विकल्प के आधार पर पांच प्रखंडों में पदस्थापन। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। Bihar teacher posting: पहले विभाग के स्तर पर सुस्ती और उसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव। ये दोनों ऐसी वजहें थीं जिसकी वजह से बीपीएससी की ओर से नियुक्त शिक्षकों का स्थानांतरण लंबित था।
अंतर जिला स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। सीतामढ़ी जिले में विभिन्न कोटि के 251 शिक्षकों का विद्यालय आवंटन कर दिया गया है। यह प्रक्रिया जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में गठित जिला स्थानांतरण समिति के निर्णय के आलोक में पूरी की गई है।
ऑनलाइन विकल्प का आधार
शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षकों का पदस्थापन ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन विकल्प के आधार पर किया गया। शिक्षकों द्वारा आवेदन के दौरान चयनित पांच प्रखंडों में उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार विद्यालय आवंटित किए गए हैं। इस प्रक्रिया में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक शामिल थे।
शिक्षकों की आवश्यकता के अनुसार पदस्थापन
विद्यालय आवंटन के दौरान छात्र-शिक्षक अनुपात, विषयवार आवश्यकता, एकल एवं द्वि-शिक्षकीय विद्यालयों की स्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जहां शिक्षकों की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां पदस्थापन किया जा सके।
कुल 251 शिक्षकों में
- कक्षा 1 से 5 के 51 शिक्षक,
- कक्षा 6 से 8 के 61 शिक्षक,
- कक्षा 9 से 10 के 76 शिक्षक,
- कक्षा 11वीं–12वीं के 63 शिक्षक
पदस्थापन की अंतिम सूची जारी
बताया गया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्थानांतरण समिति की बैठक के बाद ई-शिक्षा कोष पोर्टल से स्थानांतरण और पदस्थापन की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। समिति में जिलाधिकारी के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, स्थापना डीपीओ, वरीय उप समाहर्ता, महाप्रबंधक उद्योग विभाग, बेलसंड के डीसीएलआर, अपर जिला दंडाधिकारी समेत अन्य अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल थे।
दूर होगी शिक्षकों की कमी
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पदस्थापन से जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे छात्रों को नियमित पढ़ाई का लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शिक्षकों की कमी पूरी होने के बाद शिक्षा के स्तर में क्या सुधार होता है। अभी तक जब कभी शिक्षा और उसके स्तर की बात होती है तो उसके साथ ही शिक्षकों की कमी की बात शुरू हो जाती है। बीपीएससी से नियुक्ति के बाद अब सही ढंग से नियोजन किया जा रहा है। |
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