जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। नहर पार की 20 से ज़्यादा कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने के अमृत प्रोजेक्ट पार्ट-1 का काम फिर से शुरू हो गया है। इस सीवर लाइन में दो मैनहोल बनाने का लोग विरोध कर रहे थे। उनका दावा था कि 1200 एमएम की सीवर लाइन बिछाने से उनके घरों में दरारें आ सकती हैं।
दैनिक जागरण ने भी इस मामले पर खबर छापी थी। इसके बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने खुद पूरे मामले का संज्ञान लिया। लोगों का विरोध खत्म हुआ और काम फिर से शुरू हो गया। कॉर्पोरेशन अधिकारियों का कहना है कि 156 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट अगले 10 दिनों में पूरा हो जाएगा।
अमृत प्रोजेक्ट की शुरुआत नगर निगम ने 2019 में की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत पल्ला बसंतपुर रोड से तिलपत होते हुए बादशाहपुर एसटीपी तक सीवर लाइन बिछाने का काम होना था, ताकि गंदा पानी बाहर न बहे। इन कॉलोनियों में सीवर लाइन न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
2019 में काम शुरू होने के बाद, COVID-19 महामारी के कारण 2022 में इसे रोक दिया गया था। फिर, 2023 के आखिर में काम फिर से शुरू किया गया। इस आठ किलोमीटर लंबी सीवर लाइन में सिर्फ पांच मीटर का काम बचा था, जिसमें दो मैनहोल बनने थे। लेकिन, लोगों के विरोध के कारण काम रुक गया था। अब, दोनों मैनहोल का काम शुरू कर दिया गया है।
चीफ इंजीनियर पर भी आरोप लगे
इस मामले में, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर की शिकायत पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चीफ इंजीनियर बी.के. करदम के खिलाफ चार्जशीट जारी की थी। मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी। हालांकि, बाद में बी.के. करदम को क्लीन चिट दे दी गई थी।
अमृत प्रोजेक्ट पार्ट वन के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। कॉर्पोरेशन अधिकारियों को पूरी सावधानी से काम करने का आदेश दिया गया है।
-राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री, हरियाणा सरकार
सीवर लाइन के लिए मैनहोल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 20 से ज़्यादा कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
-नितिन कादियान, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, नगर निगम
यह भी पढ़ें: फरीदाबाद की सोसायटी में दूषित पानी की हो रही आपूर्ति, त्वचा पर हो रही एलर्जी |