सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, अयोध्या। श्रीराम चिकित्सालय में हार्ट केयर सेंटर बनेगा। यह परियोजना 10 करोड़ की है। इसका निर्माण श्रीराम अस्पताल परिसर की 15 हजार वर्ग फीट भूमि पर होगा। फिलहाल इस भूखंड पर कुछ जर्जर भवन स्थित हैं, जिन्हें पीडब्लूडी ने निष्प्रयोज्य मान कर उन्हें गिराने की रिपोर्ट भी दे दी है। नवनिर्माण से पूर्व इस भूमि का समतलीकरण किया जाएगा। समझा जाता है कि इसी माह के अंत तक समतलीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा।
50 बेड का हार्ट केयर सेंटर पैथालाजी एवं रेडियोलाजी ब्लॉक से भी युक्त होगा। यहां सामान्य एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड के साथ डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआइ आदि की व्यवस्था होगी। पैथालाजी ब्लाक अत्याधुनिक साज-सज्जा एवं तकनीक से युक्त होगा तथा यहां हिस्टो पैथालाजी, साइटोलाजी एवं सीरोलाजी से जांच की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
रामनगरी की स्वास्थ्य सेवा को लंबे समय से उन्नत किया जा रहा है तथापि जिस हिसाब से श्रद्धालुओं के आगमन में वृद्धि हो रही है, उस हिसाब से स्वास्थ्य सेवाओं को समुन्नत किए जाने का काम सीमित प्रतीत हो रहा था। सबसे अधिक समस्या का सामना हृदय रोगियों को करना पड़ता है। इसे देखते हुए ही शासन ने रामजन्मभूमि परिसर से लगे श्रीराम अस्पताल को उच्चीकृत कर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। हार्ट केयर सेंटर इसी योजना का प्रमुख आयाम होगा।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी यशप्रकाश सिंह रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं प्रभावी स्थानीय महंतों के सहयोग से इस दिशा में लंबे समय से प्रयत्नशील रहे हैं और जब यह प्रयास फलीभूत होने को है, तब वह मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मांग पूरी कराने में सहयोगी रहे लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
हम दायित्वों के प्रति और भी संकल्पित : सीएमएस
सीएमएस डॉ. वीके वर्मा के अनुसार अयोध्या जैसी अति विशिष्ट नगरी का प्रमुख चिकित्सालय होने के चलते यहां के स्टाफ को बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन करना पड़ता है और प्राय: वह इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करते हुए अपनी छाप छोड़ रहे हैं। अब जबकि अस्पताल हेल्थ केयर सेंटर से भी युक्त होने को है, तब श्रीराम अस्पताल का परिवार दायित्वों के प्रति और भी संकल्पित है। |
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