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मानव मल कीचड़ उपचार संयंत्र। (प्रतीकात्मक फोटो)
भगवान मालवीय, चिरकुंडा (धनबाद)। Chirkunda Nagar Parishad FSTP Plant for Fertilizer: अब झारखंड में भी मानव मल से उर्वरक खाद तैयार होगा। झारखंड का पहला पहला 12 एमएलटी के एफएसटीपी प्लांट (मल कीचड़ उपचार संयंत्र) का निर्माण धनबाद जिले में चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र के सुंदरनगर में करीब तीन करोड़ की लागत से किया गया है।
इस प्लांट के बनाने का मुख्य उद्देश्य है शहर के विभिन्न शौचालयों की टंकियों से निकलने वाले अपशिष्ट मल का प्रबंध करना और उससे खाद तैयार कर बाजार में बेचना है।
चिरकुंडा नगर परिषद के अधिकारियों और नगर विकास विभाग की विभिन्न एजेंसियों की देखरेख में इस प्लांट का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। अब यह प्लांट अपने उत्पाद खाद को बाजार में उतारने की तैयारी में है।
प्लांट में कैसे तैयार होता है खाद उत्पाद
घरों के शौचालयों से निकलने वाले मल को प्लांट में बने एक बड़े से टैंक में जमा किया जाता है। उसके जल को निकाल दिया जाता है। उसके बाद जो मल अपशिष्ट है उसके माध्यम से प्रोसेसिंग कर उसे एक उर्वरक खाद के रूप में तैयार किया जाता है।
इसके बाद इस उर्वरक खाद को क्षेत्र में बागवानी करने वाले लोगों को बेचा जाता है। इस खाद से बागान में लगे पेड़ पौधे तेजी से तैयार हो जाते हैं। इस खाद को नगर परिषद से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाएं बाजार में बेचने का काम करती है।
इस संबंध में चिरकुंडा नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका कुमारी व सिटी मैनेजर मुकेश निरंजन ने बताया कि ठोस मल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत तैयार उत्पाद को बाजार में उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है। पूरे झारखंड में 12 एमएलटी का पहला एफएसटीपी प्लांट चिरकुंडा में बना है।
एसएचजी ग्रुप से जुड़ीं 200 महिलाओं को इस उत्पाद के प्रचार प्रसार व इसे बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेवारी दी गई है। इसका उपयोग छोटे-छोटे बागवानी व घर में छोटे-छोटे पेड़ पौधे लगाने वाले लोग एक आर्गेनिक उर्वरक खाद के रूप में कर सकेंगे। यह खाद न्यूनतम बजट में बाजारों में उपलब्ध होगा। |
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