विधि संवाददाता, देवरिया। धोखाधड़ी के मामले में जिला जेल में निरुद्ध पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली व ईमानदारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने बरामद की गई पूरी धनराशि व सामान उन्हें नहीं लौटाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने देवरिया कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से आख्या तलब की है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर वर्ष 1999 में धोखाधड़ी कर पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक प्लाट आवंटित कराने के मामले में 10 दिसंबर 2025 से जिला जेल में निरुद्ध हैं। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि गिरफ्तारी के समय कोतवाली पुलिस ने उनके पास से 42 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन व एक टूथपेस्ट बरामद किया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस को बरामद समस्त सामान उनके पैरवीकार अतुल कुमार को सिपुर्द करना था।
आरोप है कि पुलिस ने 42 हजार रुपये में से केवल 7208 रुपये ही वापस किए, जबकि शेष धनराशि व टूथपेस्ट नहीं दिया। इसके साथ ही दोनों मोबाइल फोन के लाक भी टूटे हुए पाए गए। इस संबंध में पूर्व आइपीएस ने पुनः कोर्ट में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई कि पुलिस की ओर से जानबूझकर उनका पूरा सामान नहीं लौटाया जा रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलजा मिश्रा की अदालत ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से 23 जनवरी तक विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। |
|