डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में अब रोजगार की नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के \“आत्मनिर्भर ग्राम\“ विजन के तहत मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण की गति को तेज कर दिया है। अब तक प्रदेश में 94 नई इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें ₹648.63 लाख का भारी पूंजी निवेश हुआ है। इस पहल के माध्यम से मात्र कुछ महीनों में ही 2,586 युवाओं को उनके गांव के पास ही सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है।
10 लाख तक का ऋण और \“जीरो\“ ब्याज की सुविधा
योगी सरकार ने ग्रामीण युवाओं के लिए पूंजी की बाधा को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
- वित्तीय सहायता: 18 से 50 वर्ष की आयु के शिक्षित और तकनीकी रूप से योग्य युवाओं को अपना उद्योग शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
- ब्याज अनुदान (Interest Subsidy): सामान्य वर्ग के उद्यमियों के लिए 4% से अधिक का ब्याज सरकार स्वयं वहन करती है। वहीं, आरक्षित वर्ग (SC/ST, OBC, महिला, अल्पसंख्यक और दिव्यांग) के लिए यह योजना और भी लाभकारी है, क्योंकि उनका शत-प्रतिशत (100%) ब्याज सरकार द्वारा चुकाया जाता है।
पारदर्शी चयन और सुदृढ़ प्रबंधन
योजना को भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से किया जाता है।
- स्वयं का अंशदान: सामान्य वर्ग को कुल लागत का केवल 10% और आरक्षित वर्ग को मात्र 5% स्वयं निवेश करना होता है।
- पात्रता: यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के उन सभी युवाओं के लिए है जो स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।
गांव मजबूत, तो प्रदेश मजबूत: योगी का विकास मॉडल
यह योजना केवल ऋण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों में उद्योगों का एक जाल बिछाने की रणनीति है।
- प्रतिभा पलायन पर रोक: स्थानीय स्तर पर उद्योग लगने से युवाओं का शहरों की ओर पलायन कम हो रहा है।
- पारंपरिक कौशल को सम्मान: योजना के तहत हस्तशिल्पकारों और पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके उत्पादों को बाजार दिया जा रहा है।
- महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया जा रहा है।
स्थायी रोजगार का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण संसाधनों और युवाओं की ऊर्जा का सही संयोजन राज्य को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य इन इकाइयों की संख्या को बढ़ाकर प्रदेश के हर ब्लॉक तक ले जाने का है। |
|