डॉक्टर रमीज और एसएन हॉस्टल की पुरानी मस्जिद।
जागरण संवाददाता, आगरा। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ की रेजिडेंट महिला डॉक्टर यौन शोषण और मतांतरण का आरोपित डॉ. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज ने 10 छात्रों के साथ मिलकर इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप बनाया। अपने डांस से टापर मेडिकल छात्रा को प्रभावित कर अपने जाल में फंसाया, इसके बाद उसकी दोस्तों से भी नजदीकी बढ़ाई।
उसने कई छात्राओं को मतांतरण के लिए जाल में फंसाने की कोशिश की। सोमवार को एसएन मेडिकल कालेज में डॉ. रमीज को लेकर दिन भर चर्चा चलती रही। उसके बैच के पूर्व छात्रों से लेकर डॉक्टर और कर्मचारी डॉ. रमीज को लेकर चर्चा करते रहे।
एसएन में एमबीबीएस में 2012 में प्रवेश लेने के बाद मोती कटरा में किराए के कमरे में रहा
एसएन मेडिकल कॉलेज में 2012 में एमबीबीएस में प्रवेश लेने के बाद डॉ. रमीज मोती कटरा में किराए पर कमरा लेकर रहा। उस दौरान वह साथी छात्रों से भी बहुत कम बात करता था। एक वर्ष बाद उसे सीनियर ब्वायज हास्टल के भूतल पर कमरा मिल गया। सूत्रों के मुताबिक, हास्टल में आने के बाद डॉ. रमीज ने मुस्लिम 10 मेडिकल छात्रों के साथ एमडी मेडिसिन कर रहे दिल्ली बम धमाके में पकड़े गए डॉ. परवेज अंसारी के साथ मिलकर इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप बनाया।
अच्छा डांस करता था रमीज
हॉस्टल स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ना और मौलाना के संपर्क में रहने लगा। वह डांस अच्छा करता था, उसने अपने डांस से टापर मेडिकल छात्रा को अपने जाल में फंसाया। पूरे दिन मेडिकल छात्रा के साथ ही रहता था, यहां तक कि रात में नाई की मंडी में नान वेज खाने के लिए भी मेडिकल छात्रा के साथ जाता था, उसे नाई की मंडी के स्थानीय लोग भी जानते थे।
मेडिकल छात्रा की दोस्तों के भी संपर्क में रहने लगा उनसे भी नजदीकी बढ़ाई। उसके ग्रुप के तीन और छात्र थे जिन्होंने मेडिकल छात्राओं से दोस्ती की। 2012 और उसके बाद के हर बैच के मेडिकल छात्र इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप से जुड़ते गए।
एमबीबीएस पूरी होने के बाद भी हॉस्टल में रहा, रात में पार्टी
डॉ. रमीज, डॉ. परवेज सहित अन्य मुस्लिम मेडिकल छात्र और जूनियर डॉक्टर हॉस्टल के कमरे में रात में पार्टी करते थे। देर रात तक पार्टी का दौर चलता था, यहां पर ही मतांतरण के लिए हिंदू मेडिकल छात्राओं को फंसाने की प्लानिंग की। डॉ. रमीज की एमबीबीएस और इंटर्नशिप 2018 में पूरी हो गई थी इसके बाद वह एसएन से चला गया। पीजी में चयन न होने पर छह महीने बाद दोबारा लौट आया और हॉस्टल में इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप के सदस्यों के कमरे में 2022 तक रहा।
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मुस्लिम मेडिकल छात्राओं के हिंदू मेडिकल छात्र से दोस्ती होने पर कराया ब्रेकअप
एसएन में हर वर्ष 12 से 15 मुस्लिम मेडिकल छात्र छात्राएं और जूनियर डाक्टर प्रवेश लेते हैं। मुस्लिम मेडिकल छात्रा की हिंदू मेडिकल छात्र से दोस्ती होने पर ग्रुप के सदस्यों को सक्रिय कर दिया जाता था। इनका काम मुस्लिम मेडिकल छात्रा का ब्रेकअप कराना होता था। |
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