सात भाई-बहनों में सबसे छोटा शिवम इंटरमीडिएट का छात्र था
- दो भाईयों के साथ मजदूरी कर जीविकापार्जन करता था
- गमजदा भाई बोले, सोमवार का दिन काल बनकर आया
संवाद सूत्र, जागरण. हथगाम : सोमवार शाम संझिया गांव के मोड़ पर हुए हादसे में मां व बेटे की हुई मौत पर ग्रामीणों में चर्चा रही कि यदि बेटे ने हेलमेट लगाया होता तो उसकी जान तो बच जाती। दिवंगत, सात भाई-बहनों में सबसे छोटा था और एक प्राइवेट कालेज में इंटरमीडिएट का छात्र था।
सालेमपुर मजरे सेमरा मानापुर गांव में हादसे की सूचना मिली तो ग्रामीण घटनास्थल तक पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिनी ट्रक की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। संझिया गांव के रहने वाले संदीप मौर्य, इंद्रसेन मौर्य व दिलीप ने बताया कि हादसा देखकर वह घायल शिवम को सीएचसी तक ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई। दिवंगत के बड़े भाइयों सूरज व नीरज ने बताया कि वह छोटे भाई शिवम के साथ मेहनत मजदूरी कर मां व चार बहनों का भरण पोषण करते थे। सोमवार का दिन पूरे परिवार के लिए काल बनकर आया। मां व छोटे की मौत से ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके। |
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