ताजमहल।
जागरण संवाददाता, आगरा। शाहजहां का उर्स ताजमहल में 15 से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। उर्स परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। ताजमहल में 36 इंच से बड़े ढोल, पोस्टर, बैनर आदि नहीं ले जाए जा सकेंगे। शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है। केवल स्थानीय नमाजियों को प्रवेश मिलता है। इस बार उर्स में 16 जनवरी (शुक्रवार) पड़ रहा है।
उर्स में शुक्रवार को ताजमहल खुलेगा, लेकिन जायरीनों व पर्यटकों को दोपहर दो बजे से ही प्रवेश मिलेगा। नमाजियों को दोपहर 12:30 बजे से प्रवेश दिया जाएगा। उर्स में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के सहयोग के लिए उर्स कमेटी द्वारा वालंटियर तैनात किए जाएंगे, जिनकी सूची सीआइएसएफ को सौंपी गई है। इनका सत्यापन कराया जाएगा।
उर्स में 15 व 16 जनवरी को दोपहर दो बजे से और 17 जनवरी को सूर्याेदय से सूर्यास्त तक निश्शुल्क प्रवेश रहेगा। मुख्य मकबरे में तहखाना में स्थित शाहजहां व मुमताज की कब्रें खोली जाएंगी और सभी रस्में वहीं होंगी। उप-अधीक्षण पुरातत्वविद आरके सिंह, सीआइएसएफ के सीनियर कमांडेंट वीके दुबे, एसीपी ताज सुरक्षा पीयूष कांत राय, वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी, सहायक कमांडेंट आरके शुक्ला, इब्राहिम हुसैन जैदी, ताहिरउद्दीन ताहिर, आरिफ तैमूरी, हाजी असीम बेग आदि मौजूद रहे। |