इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । गोबरसही आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के निर्माण में करीब 35 करोड़ छह लाख रुपये रेलवे की ओर से भी दिए जाएंगे। जबकि एक अरब 32 करोड़ 61 लाख रुपये पथ निर्माण विभाग की ओर से राज्यांश मद में आवंटित किए जाएंगे।
आरओबी के निर्माण पर कुल एक अरब 67 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव ने राशि खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत राज्यांश मद में उक्त राशि दो किस्तों में आवंटित की जाएगी।
आरओबी का निर्माण वर्ष 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 50-50 प्रतिशत राशि दोनों वित्तीय वर्ष में आवंटित करने की बात कही गई है आरओबी निर्माण का 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद एजेंसी को आधी राशि और काम पूर्ण होने के बाद पूरी राशि दी जाएगी।
अगले माह से आरओबी निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्क आर्डर भी जारी हो चुका है। रचना कंस्ट्रक्शन को यह टेंडर मिला है। एनएचएआइ की ओर से एक ओर के लिए एनओसी नहीं दिया गया है।
पुल निर्माण विभाग के अधिकारी के अनुसार, एनएचएआइ से संपर्क किया गया है। शीघ्र ही एनओसी मिलने की बात कही गई है। विदित हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान इसका अवलोकन किया था। इसके बाद कैबिनेट की बैठक में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी।
अब फिर मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के तहत जिले में आने वाले हैं। इससे ठीक पहले राशि खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री इस परियोजना की भी समीक्षा कर सकते हैं।
गोबरसही आरओबी के होंगे चार रैंप
गोबरसही आरओबी का चार रैंप होगा। पहला सर्किट हाउस, दूसरा डुमरी रोड, तीसरा भगवानपुर और चौथा मझौलिया की ओर होगा। इसकी डिजाइन फाइनल कर रेलवे को एनओसी के लिए भेजा जा चुका है।
शीघ्र ही एनओसी मिलने की संभावना है। आरओबी का निर्माण होने के बाद समपार फाटक को बंद कर दिया जाएगा। इसके बनने के बाद जाम की समस्या से निजात मिलेगी। |
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