रेजिडेंट डा. रमीजुद्दीन नायक
जागरण संवाददाता, लखनऊ: किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से जुड़े लव जिहाद, यौन शोषण और मतांतरण के आरोपों की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंप दी गई है। एसटीएफ ने जांच शुरू भी कर दी है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित आंतरिक जांच समिति को भंग कर दिया गया है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सोमवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को अभी तक हुई जांच रिपोर्ट सौंपी और आगे की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की।
आरोपित रेजिडेंट के मददगारों पर कसेगा शिकंजा
महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मामले में पैथोलाजी विभाग के अध्यक्ष एवं संकाय सदस्यों पर पीड़ित रेजिडेंट पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब एसटीएफ आरोपित रेजिडेंट डा. रमीजुद्दीन नायक के मददगारों पर शिकंजा कस सकती है। सोमवार को टीम केजीएमयू पहुंची और घटना से जुड़े रिकार्ड खंगाल रही है।
विशाखा कमेटी ने यौन शोषण की जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को 10 जनवरी को सौंपी, जिसके आधार पर आरोपित का दाखिला रद करने की सिफारिश की गई। मतांतरण की जांच के लिए पूर्व डीजी भावेश सिंह समेत सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी ने सोमवार को अपनी प्रगति रिपोर्ट कुलपति को सौंपकर आगे की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की।
रिपोर्ट में पैथोलाजी विभाग के के संकाय सदस्यों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इनमें विभाग के उन दो डाक्टरों के भी नाम हैं, जिनपर मामले को दबाने का आरोप लगा है। हालांकि, कमेटी स्पष्ट तौर पर किसी डाक्टर को दोषी नहीं ठहराया है। इस घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने सभी विभागों में एक मेल आइडी चस्पा की थी, लेकिन अब तक किसी भी विभाग से कोई मेल नहीं आया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं कुलपति
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर केजीएमयू में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट से लेकर अब तक हुई कार्रवाई से भी अवगत कराया। सीएम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम पर संतोष जताया और यह भरोसा दिलाया कि केजीएमयू एवं कुलपति कार्यालय का सम्मान और सुरक्षा सरकारी की जिम्मेदारी है। |
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