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सैन्य समझौते से समंदर तक सहयोग, भारत-जर्मनी के बीच 20 बड़ी घोषणाएं और 4 ऐतिहासिक डील, ,समझें क्या होंगे फायदे

Chikheang 2 hour(s) ago views 425
  



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच अहमदाबाद में हुई द्विपक्षीय शिखर वार्ता ने भारत और यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान की है। दोनों नेता नई वैश्विक व्यवस्था में एक-दूसरे को पूरक साझीदार के रूप में देखते हुए रक्षा, आर्थिक सहयोग, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। पिछले वर्ष सत्ता संभालने के बाद एशिया में अपने दौरे के लिए सबसे पहले भारत का चयन करके मर्ज ने भारत के साथ संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिया है।

इसी तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गृहनगर में जर्मन चांसलर का स्वागत करके और द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक एजेंडे पर हस्ताक्षर कर भारत की रुचि भी साफ कर दी है।दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग से जुड़ी 20 संयुक्त घोषणाओं और सात सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच आपसी विश्वास एवं साझेदारी की मजबूती को दर्शाते हैं।
भारत-यूरोपियन यूनियन में FTA कब होगा?

पीएम मोदी और मर्ज ने इस महीने भारत-ईयू फोरम में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की संभावना जताई, जो दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। प्रमुख घोषणाओं में रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए नया रोडमैप तैयार करना शामिल है, जो संयुक्त विकास व उत्पादन पर केंद्रित होगा।
डील से होंगे ये बड़े फायदे

  • आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच सीईओ फोरम गठित की जाएगी। सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग स्थापित होगा, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती सुनिश्चित करेगा।
  • गैस, ग्रीन हाइड्रोजन और बायो-इकोनमी क्षेत्र में अलग-अलग संयुक्त घोषणाएं की गई हैं, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने में दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।
  • इसके अलावा जर्मनी भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा प्रदान करेगा, जो लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाएगा।
  • कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में गहरे संबंधों के लिए 1.5 ट्रैक वार्ता शुरू होगी, जबकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए व्यवस्थित द्विपक्षीय वार्ता का आरंभ होगा। ये कदम न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक स्थिरता में योगदान देंगे।

पीएम मोदी ने किसे कहा गेम चेंजर प्रोजेक्ट

मर्ज के साथ संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, \“हम पर्यावरण, ऊर्जा, शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन में दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगा प्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। हम एक सुरक्षित, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज किए जा रहे समझौतों से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी।\“

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप के तहत जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया। आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर इसका मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।

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जर्मनी के चांसलर मर्ज ने भी वैश्विक व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, \“हम एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं जिसमें हम स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से जी सकें। यह व्यवस्था तेजी से शक्ति, राजनीति और पुरानी सोच के तरीकों से कमजोर हो रही है। रूस का यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध इस विकास का स्पष्ट उदाहरण है। इसी कारण हम अपनी सुरक्षा नीति सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं ताकि भारत की रूस पर निर्भरता कम हो सके। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त वायुसेना व नौसेना अभ्यास, सैन्य बंदरगाह यात्राएं और नए परामर्श प्रारूप शामिल हैं।
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