LHC0088 • Yesterday 19:57 • views 921
करनाल जिले के असंध रोड पर हुआ था हादसा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सात साल पहले हुए एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, चंडीगढ़ ने 19.20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का फैसला सुनाया है। 53 साल के राम कुमार की 15 जून 2019 को करनाल जिले के असंध रोड पर हुए एक हादसे में मौत हो गई थी।
उनकी मोटर साइकिल को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। उनके परिवार ने आरोपित कार चालक पानीपत निवासी कुलतार सिंह, कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ ट्रिब्यूनल में केस दायर किया था। परिवार का केस लड़ने वाले एडवोकेट सुनील के. दीक्षित ने कहा कि हादसे के वक्त राम कुमार की उम्र 53 वर्ष थी।
वह एक स्कूल बस में ड्राइवर की नौकरी करते थे। उनकी महीने की सैलरी 20 हजार रुपये थी। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। ऐसे में उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख मुआवजे की मांग की। हालांकि कार चालक, मालिक और इंश्योरेंस कंपनी ने इस याचिका का विरोध किया, लेकिन सभी पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पीड़ित परिवार के हक में फैसला सुनाया।
ऐसे हुआ था हादसा
याचिका के अनुसार, राम कुमार मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर गांव बल्ला, जिला करनाल जा रहे थे। मोटरसाइकिल को मुनी राम चला रहे थे। जब वह असंध रोड पर पहुंचे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक कार गलत दिशा में आ गई और उसने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुनी राम और राम कुमार दोनों सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान राम कुमार की मौत हो गई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह दुर्घटना कार चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुआ था। आरोपित चालक की कार का जिस इंश्योरेंस कंपनी से बीमा था, उसका आफिस चंडीगढ़ में है। इसलिए परिवार ने मुआवजे के लिए चंडीगढ़ में केस दायर किया था। |
|