जागरण संवाददाता, चंपावत। सितारगंज-टनकपुर मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। ऐसे में चाैड़ीकरण की जद में आ रही भूमि के खरीद-फरोख्त या प्रकृति परिवर्तन पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पूर्णत रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि जल्द ही जद में आ रहे भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आरंभ होगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-125 (नया एनएच-09) के सितारगंज से टनकपुर अनुभाग (0 से 52.200) तक चार लेन चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
इन गांवों की जमीनों पर लगाई रोक
परियोजना के दृष्टिगत जनपद चंपावत की तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) क्षेत्र के निम्नलिखित प्रभावित ग्रामों में भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री, बैनामा तथा भूमि की प्रकृति परिवर्तन (कृषि से गैर-कृषि) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिसमें पचपकरिया, देवीपुरा, बनबसा, बमनपुरी, आनंदपुर, भजनपुर, चंदनी, विचई, मोहनपुर, छीनीगोठ, छीनीमल्ली, नायकखेड़ा, कठुवापाती, सैलानीगोठ, बगदौराखास, देवरामपुर उर्फ सीतापुर, बगदौराहंसी, मनिहारगोठ, ज्ञानखेड़ा एवं टनकपुर शामिल है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्ति अथवा अधिकारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी अवगत कि भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। |