प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सूत्र, जागरण, गौरा/प्रतापगढ़। वाराणसी से देहरादून जा रही जनता एक्सप्रेस पर गौरा-मां बाराही देवी धाम रेलवे स्टेशन के बीच रविवार को पत्थर फेंके गए। इस दौरान जनरल कोच में खिड़की के पास बैठी महिला की आंख के नीचे एक पत्थर जा लगा। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
मां बाराही देवी धाम स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव कर लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसकी जानकारी होते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। इधर, मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची तो आरपीएफ व जीआरपी की टीम घायल महिला यात्री को ट्रेन से उतारकर तत्काल राजा प्रताप बहादुर अस्पताल ले गई।
यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद घायल महिला को चिकित्सक ने एसआरएन प्रयागराज रेफर कर दिया। अब जीआरपी और आरपीएफ घटना की जांच कर रही है।
जौनपुर जनपद के नेवड़िया ब्लॉक के जेठपुर गांव की रहने वाली 45 वर्षीय माला सिंह पत्नी हौसिला सिंह की बहन का घर रायबरेली के बछरावां में है। वह रविवार को वाराणसी-देहरादून को जाने वाली जनता एक्सप्रेस से बहन के घर जा रही थी। माला जनरल बोगी में खिड़की के पास बैठी थी।
सुबह 11.30 बजे ट्रेन गौरा रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां एक मिनट के ठहराव के बाद गंतव्य के लिए रवाना हुई। स्टेशन से करीब दो किमी दूर जाने पर ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। इस दौरान एक पत्थर माला सिंह की आंख में लग गया। पत्थर लगने से वह जख्मी हो गई। खून बहने लगा।
महिला ने शोर मचाया तो आसपास के यात्री भी उसके पास पहुंचे। करीब 15 मिनट बाद ट्रेन मां बाराही देवी धाम पहुंची तो लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद आरपीएफ पोस्ट व जीआरपी की अलर्ट हो गई। दोपहर करीब सवा 12 बजे मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर-1 पर जनता एक्सप्रेस के पहुंचने पर टीम घायल को आनन-फानन राजा प्रताप बहादुर अस्पताल ले गई।
यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे एसआरएन प्रयागराज रेफर कर दिया। जीआरपी एसओ सुमित कुमार ने बताया कि महिला यात्री के घायल होने की सूचना पर टीम गौरा स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन से करीब तीन किमी तक लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे ट्रैक के किनारे बस्तियों पर नजर
गौरा से रामापुर के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे बसी बस्तियों पर जीआरपी की टीम की विशेष नजर है। जीआरपी एसओ सुमित कुमार ने बताया कि ट्रैक के किनारे बकरी व मवेशी चराने के लिए घूमते हैं या फिर जो लोग बैठते हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी। टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सात माह पहले दो बार हुआ था वंदेभारत पर पथराव
एक जून को गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत पर पथराव हुआ था। उस समय ट्रेन गोरखपुर से प्रयागराज आ रही थी और अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पास सी-वन कोच में पत्थर फेंका गया था। इससे शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था और दो बच्चों को हल्की चोट आई थी।
इस इसके बाद तीन जून को प्रयागराज से गोरखपुर जा रही वंदे भारत पर पत्थरबाजी हुई थी। प्रतापगढ़ के भदरी रेलवे स्टेशन से कुंडा हरनामगंज के बीच में शाम हुई थी। आरपीएफ की टीम ने इस मामले में एक युवक को दबाेचा था।
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