जागरण संवाददाता, रामपुर। लखनऊ में हुए सड़क हादसे में रामपुर के युवक की मौत हो गई। युवक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार में चीख पुकार मच गई है। सिविल लाइंस क्षेत्र अंतर्गत आदर्श कालोनी निवासी राजू बिष्ट के 29 वर्षीय बेटे दीपक सिंह बिष्ट लखनऊ में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे।
शनिवार रात वह अपने कुछ दोस्तों के साथ कार में जा रहे थे। वह चालक के बराबर वाली सीट पर बैठे थे। दोस्त गाड़ी चला रहा था, जबकि पीछे भी दो दोस्त बैठे थे। लोहिया चौराहे पर अचानक गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
हादसे में बाकी दोस्त घायल हो गए, लेकिन दीपक की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर यहां पहुंची तो परिवार में चीख पुकार मच गई। रात में ही स्वजन लखनऊ चले गए। मृतक परिवार के परिचित सुरेंद्र राजेश्वरी ने लखनऊ से फोन पर बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शाम छह बजे शव स्वजन को सौंप दिया है। वे शव लेकर चले गए हैं। सोमवार को रामपुर में ही अंत्येष्टि होगी।
आंख का आपरेशन कराने बेटे के पास गए थे पिता
दीपक अपने परिवार का अकेला सहारा था। पिता की आंख का आपरेशन होना था, जिसके लिए दीपक ने उन्हें अपने पास लखनऊ बुला लिया था। दो दिन बाद पिता का आपरेशन होना था, लेकिन उससे पहले हादसा हो गया। दीपक के पिता राजू बिष्ट दो भाई हैं।
राजू बिष्ट ने दो बेटियों की शादी कर दी है। अब बेटे की शादी का नंबर था। उनके छोटे भाई हिम्मत सिंह की भी दो बेटियां हैं। वह भी दीपक को अपने बेटे की तरह ही मानते थे। हादसे की जानकारी पर दीपक के चाचा हिम्मत सिंह तुरंत लखनऊ चले गए। पिता और चाचा दोनों के परिवार पर इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। |