सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के फतेहाबाद डिवीजन में 31 करोड़ का टेंडर घोटाला करने वाले घोटालेबाज चार अधीक्षण अभियंता सहित दो बाबू और 13 फर्मों के विरुद्ध शनिवार देर रात थाना फतेहाबाद में अधीक्षण अभियंता साेमवीर ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध जांच शुरू कर दी है।
चारों अधीक्षण अभियंताओं से बाबू ही कराता था फर्मों की सांठगांठ
वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 में फतेहाबाद डिवीजन में हुई टेंडर प्रक्रिया की तीन सदस्यी टीम ने जांच की। जिसमें सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार सिंह (वीके सिंह) और अरविंद कुमार, अधीक्षण अभियंता, रविकांत मिश्रा और डीएन प्रसाद, सिविल सहायक नीरज पाठक, लेखाकार सतीश कुमार सहित 13 फर्मों को जांच में दोषी पाया है। इनपर वित्तीय हानि और नियम विरुद्ध टेंडर प्रक्रिया किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
विभिन्न अनियमितताएं बरत डीवीवीएनएल को पहुंचाया 31 करोड़ का नुकसान
तहरीर के अनुसार इस खेल का खिलाड़ी सिविल सहायक नीरज पाठक को माना गया है। छह-सात मई वर्ष 2025 की रात में अपने कक्ष में आग की घटना हो जाने की प्राथमिकी नीरज पाठक ने थाना फतेहाबाद में 14 मई तहरीर दी थी। इसे साक्ष्य मिटाए जाने से जोड़ा गया है। बिना निविदा प्रकाशन की फर्मों से अनुबंध किए जाने से लेकर निविदा शुल्क एवं जमानत राशि जमा कराए ही अनुबंध किए गए। इस पूरे षडयंत्र में चारों अधीक्षण अभियंता और फर्म शामिल रहीं।
इन फर्मों के विरुद्ध कराया गया है मुकदमा दर्ज
श्री राजू प्रोपराइटर मां दुर्गा कंस्ट्रक्शन, रामसेवक सिंह प्रोपराइटर सीडीआरएम पावर लिमिटेड, उपेंद्र कुमार दीक्षित प्रोपराइटर कृष्ण इलेक्ट्रिकल्स एंड कांट्रैक्टर्स, श्रीनिवास चौहान प्रोपराइटर शिव इंटरप्राइजेज, योगेश सिंह चौहान प्रोपराइटर ऋषि इंटरप्राइजेज, रघुवीर सिंह प्रोपराइटर रघुवीर कान्टैक्टर, मुकेश प्रोपराइटर चौहान एंटरप्राइजेज, राजेश सिंह प्रोपराइटर आरएस एंटरप्राइजेज, रामसेवक सिंह प्रोपराइटर महाकाल इंटरप्राइजेज, निखिल माथुर प्रोपराइटर न्यूटके इलेक्ट्रिकल्स, अखिलेश कुमार प्रोपराइटर आमोध एसोसिएट, राजकुमार शर्मा प्रोपराइटर समाधिया इंटरप्राइजेज तथा राहुल प्रोपराइटर भोले एंटरप्राइजेज के नाम शामिल हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मुकदमा दर्ज
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 238, 318(4), 336(3), 338, 340(2), 344 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।
ये रहा है कार्य काल
- अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार (वीके सिंह) सात मई वर्ष 2022 से 30 अप्रैल 2024 तक तैनात रहे हैं। सर्वाधिक कार्यकाल इन्हीं का रहा है। बाबू नीरज के साथ जमकर टेंडर घोटाला किया।
- अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार 19 जून 2024 से 31 दिसंबर तक तैनात रहे। कम समय में ही बाबू के खास बन गए और फर्मों के साथ मिलकर टेंडरों में खेल किया।
- अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा चार जनवरी 2025 से 23 मई तक तैनात रहे। चार माह के अल्पकार्यकाल के दौरान बाबू ने इन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। और टेंडरों की फायलों पर हस्ताक्षर किए।
- अधीक्षण अभियंता दूधनाथ 23 मई 2025 से 12 अगस्त तक तैनात रहे। इसके बाद 15 सितंबर 2025 से 24 अक्टूबर 2025 तक तैनात रहे। इन्होंने मिलीभगत कर टेंडर घोटाले में भूमिका निभाई।
सभी आराेपितों के विरुद्ध थाना फतेहाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आगे के मामलों की जांच पुलिस द्वारा की जाएगी। विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। -
कपिल सिंधवानी, मुख्य अभियंता, डीवीवीएनएल |