माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग
उमेश शर्मा, जागरण, पूरनपुर। नगर के माधोटांडा रेलवे क्रासिंग पर 22 मीटर चौड़ा (दो लेन) और 850 मीटर लंबा करीब 45 करोड़ की लागत से ऊपरगामी सेतु बनेगा। ओवरब्रिज के रास्ते में पड़ने वाले 105 पेड चिह्नित किए गए हैं। विद्युत वितरण, जल निगम, सोशल फारेस्ट और नगर पलिका परिषद का सर्वे हो गया है। सेतु निगम और रेलवे का ज्वाइंट सर्वे भी किया जा चुका है।
रेलवे की तरफ से डिजाइन मिलते ही बजट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। पीलीभीत-मैलानी रेलखंड के पूरनपुर समपार संख्या 180 ए (माधोटांडा क्रासिंग) से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। क्रासिंग बंद होते ही लंबा जाम लग जाता है। 15 मिनट से आधा घंटा तक राहगीरों को जाम से जूझना पड़ता है।
वाहनों की अत्यधिक आवाजाही और जाम की समस्या को लेकर लंबे समय से ऊपरगामी सेतु के निर्माण की मांग की जा रही है। सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से सेतु की कार्य योजना बनाकर प्रशासन की तरफ से शासन को भेजी गई थी। वहां से सेतु निगम से प्रस्ताव मांगा गया है।
रेलवे क्रासिंग से माधोटांडा रोड और एलआइसी तिराहा दोनों ओर 425-425 मीटर (850 मीटर) लंबा और 22 मीटर चौड़ा ऊपरगामी दो लेन के सेतु का निर्माण किया जाएगा। सेतु के नीचे भी सर्विस रोड बनाई जाएगी। सर्वे के दौरान सोशल फारेस्ट के 105 पेड़ आड़े आ रहे हैं जिनको चिह्नित किया गया है। उनका मूल्यांकन कर रिपोर्ट दिए जाने को डीएफओ को निगम के उप परियोजना प्रबंधक ब्रजेन्द्र कुमार की तरफ से पत्र जारी किया गया है।
रेल लाइन के ऊपर पुल की डिजाइन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर के अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है। रेलवे से डिजाइन और अन्य विभागों की मूल्यांकन रिपोर्ट मिलते ही बजट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रयास से जल्द नगरवासियों को एक बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है।
अधिग्रहित की जा सकती है जमीन या दुकान
शासन के प्रस्ताव मांगने पर सेतु निर्माण के लिए एक माह से तेजी के साथ प्रक्रिया चल रही है। अधिकांश कार्य पूर्ण हो गए हैं। हालांकि सेतु निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी की जगह पर्याप्त है। अगर इसके बाद भी जगह की कमी आड़े आती है तो जमीन या फिर दुकान अधिग्रहित की जा सकती है। निगम की तरफ से स्वामी को मुआवजा भी दिया जाएगा।
उत्तराखंड और टाइगर रिजर्व को जोड़ता मार्ग
माधोटांडा रेलवे क्रासिंग से उत्तराखंड के मां पूर्णागिरी दरबार और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों का क्रासिंग से होकर आना-जाना होता है। मार्च में मां के दर्शन करने वाले लोगों की संख्या रोजाना हजारों में पहुंच जाती है। ऊपरगामी सेतु बनने से भक्तों और पर्यटकों की राह आसान होगी। वह बिना जाम के झाम के आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
सबसे ज्यादा लाइन पार रहने वालों को दिक्कत
विकास खंड के आधे से ज्यादा गांव रेलवे लाइन की दूसरी तरफ उत्तर दिशा में हैं। नगर पालिका परिषद के भी पांच वार्ड हैं। पांच वार्डों में करीब 50 हजार और गांवों में ढाई लाख की आबादी है। नगर का एक बड़ा स्कूल भी उसी तरफ है। क्रासिंग बंद होते ही राहगीरों के साथ स्कूल के बच्चे भी फंस जाते हैं। जद्दोजहद के बाद निकल पाते हैं। काफी समय उनका बर्बाद हो जाता है। सेतु राह आसान कर देगा।
पूरनपुर में समपार संख्या 180 ए पर विद्युत वितरण, जल निगम, नगरपालिका परिषद, सोशल फारेस्ट और रेलवे का संयुक्त सर्वे हो गया है। रेलवे की तरफ से डिजाइन मिलते ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। करीब साढ़े आठ सौ मीटर लंबा दो लेन का सेतु का निर्माण होगा। नीचे सर्विस रोड बनाई जाएगी। 105 पेड़ भी काटे जाएंगे।
- आशीष कुमार निरबाल, एसडीओ सेतु निगम बरेली
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