LHC0088 • Yesterday 19:26 • views 967
Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवों के देव महादेव की माहिमा निराली है। अपने भक्तों पर भगवान शिव विशेष कृपा बरसाते हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति विशेष की हर मनोकामना पूरी होती है। भक्तजन रोज देवों के देव महादेव की पूजा करते हैं। वहीं, पूजा के समय शिवजी का जलाभिषेक करते हैं। जलाभिषेक से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं।
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान प्राप्त होता है, क्योंकि प्रदोष व्रत का फल दिन अनुसार मिलता है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक खास तिथि पर भगवान शिव की पूजा करने से आर्थिक तंगी दूर हो जाती है। साथ ही कर्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
प्रदोष व्रत
शिव पुराण में प्रदोष व्रत की महिमा वर्णित है। इस व्रत को करने से साधक को साधक को दिन अनुसार लाभ मिलता है। इस शुभ तिथि पर कालसर्प दोष, पितृ समेत अन्य राहु-केतु से संबंधित दोषों का निवारण भी किया जाता है। यह दिन बेहद शुभ होता है।
दिन अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ
- सोम प्रदोष व्रत करने से मानसिक तनाव की समस्या दूर होती है।
- भौम प्रदोष व्रत करने से कर्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।
- बुध प्रदोष व्रत करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलता है।
- गुरु प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को शत्रु भय से से मुक्ति मिलती है।
- शुक्र प्रदोष व्रत करने से साधक को शुभ कामों में सफलता मिलती है।
- शनि प्रदोष व्रत करने से करियर और कारोबार में सफलता मिलती है।
- रवि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है।
इस दिन करें पूजा
सनातन शास्त्रों में निहित है कि भौम प्रदोष व्रत के दिन शिव-शक्ति की पूजा करने से कर्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है। मंगलवार के दिन पड़ने के चलते यह भौम प्रदोष व्रत कहलाता है। भौम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की भक्ति भाव से पूजा करें। वहीं, पूजा के समय गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
यह भी पढ़ें- Pradosh Vrat के दिन शिवलिंग पर चढ़ाएं 5 चीजें, महादेव की कृपा से चमकेगी किस्मत
यह भी पढ़ें- Pradosh Vrat 2026: 15 या 16 जनवरी, कब है माघ का पहला प्रदोष व्रत? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
|