इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । शहर की एक एमबीए छात्रा के अपहरण का तार भी रेडलाइट एरिया से जुड़ा था। यह केस सीबीआइ के पास है, लेकिन अब तक अपहृत छात्रा का सुराग नहीं मिल सका है। वह वर्ष 2022 में रहस्मय तरीके से गायब हो गई थी।
छानबीन में उसके अपहरण की बात सामने आई थी। सदर थाना में स्वजन ने अपहरण की प्राथमिकी कराई थी। पुलिस के अथक प्रयास के बाद भी छात्रा का सुराग नहीं मिला। इस बीच विभिन्न संगठनों के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाने लगा।
इस बीच पुलिस छानबीन में पता लगा कि छात्रा की फेसबुक आइडी रेड लाइट एरिया की दो महिलाओं के मोबाइल में लागिन की गई थी। पुलिस ने उन दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया तो पता लगा कि भगवानपुर इलाके के सोनू कुमार का नाम सामने आया।
महिलाओं ने बताया था कि छात्रा को लेकर सोनू आया था। यहां पर कुछ दिनों तक रखा। इसी दौरान छात्रा ने अपना फेसबुक उनके मोबाइल से लागिन किया था। इसके बाद सोनू उस छात्रा को लेकर चला गया। इससे आगे पुलिस इस बारे में अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी। वर्ष 2024-25 में यह केस सीबीआइ को सौंप दिया गया।
बिहार पुलिस की ओर से पहले छात्रा का पता बताने को लेकर 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। बाद में सरकार ने इस रकम को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया था। इससे संबंधित पोस्टर भी विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए थे। इसके बाद भी छात्रा का सुराग नहीं मिला।
विभिन्न जिलों की किशोरी और बच्चियों को कराया जा चुका मुक्त
रेड लाइट एरिया में पिछले एक दशक में बेगूसराय, बिहारशरीफ, दरभंगा, पश्चिम बंगाल और मधुबनी समेत कई जिलों की किशाेरी, महिला और बच्चियों को यहां से पुलिस ने मुक्त कराया था। इसके बाद भी देह व्यापार का धंधा यहां बंद नहीं हुआ बल्कि चोरी-छिपे फलफूल रहा है। पुलिस की सख्ती नहीं होने के कारण यहां जबरन किशोरियों से देह व्यापार कराया जा रहा है। |