गुरुग्राम में ड्रग्स तस्करी में नाइजीरियाई नागरिकों की संलिप्तता बढ़ रही है। एआई जेनरेटेड
विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। ड्रग्स तस्करी रैकेट में नाइजीरियाई मूल के लोगों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती जा रही है। अकेले 2025 में, गुरुग्राम पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के आरोप में 29 नाइजीरियाई लोगों को गिरफ्तार किया। गुरुग्राम पुलिस खुद मानती है कि पिछले दस सालों में 2025 में सबसे ज्यादा विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
नाइजीरियाई मूल के लोग पढ़ाई या मेडिकल वीजा के बहाने दिल्ली आते हैं और फिर गैंग में शामिल होकर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। नाइजीरियाई गैंग दिल्ली के कई इलाकों से गुरुग्राम, NCR क्षेत्र और दूसरे राज्यों में नशीले पदार्थ सप्लाई कर रहे हैं।
अभी तीन दिन पहले, गुरुग्राम की सेक्टर 43 क्राइम ब्रांच टीम ने सूर्य विहार के पास सुशांत कुमार नाम के एक व्यक्ति को MDMA समेत गैर-कानूनी नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया। इस व्यक्ति ने भी ये नशीले पदार्थ एक नाइजीरियाई नागरिक से लिए थे।
आरोपी ने इसके बदले नाइजीरियाई को 20,000 रुपये दिए थे। हाल के सालों में गुरुग्राम में ड्रग्स तस्करी बढ़ी है, खासकर MDMA की। ड्रग्स तस्करी के हर दसवें मामले में नाइजीरियाई लोगों की संलिप्तता पाई जा रही है। गुरुग्राम पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये गैंग दिल्ली के कई इलाकों की छोटी-छोटी जगहों से ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं।
अभी दो महीने पहले, गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली के खानपुर इलाके में छापा मारकर MDMA ड्रग्स बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। वहां एक नाइजीरियाई गैंग फैक्ट्री चला रहा था। ये लोग केमिकल से ड्रग्स बनाकर NCR समेत पूरे देश में सप्लाई कर रहे थे।
इस गैंग का पता तब चला जब गैंग से जुड़ी दो नाइजीरियाई महिलाएं किसी को ड्रग्स सप्लाई करने गुरुग्राम आईं और पुलिस ने उन्हें पकड़कर पूछताछ की। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से MDMA सफेद पाउडर, MDMA ब्राउन, कोकीन और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई।
2025 में ड्रग्स के आंकड़े
- ड्रग तस्करी के मामलों में 320 से ज्यादा FIR दर्ज
- कुल 470 से ज़्यादा आरोपी गिरफ्तार
जब्त किए गए नशीले पदार्थ
गांजा: 650 kg
चरस: 4.597 kg
पोस्त के छिलके: 270.919 kg
कोकीन: 0.524 kg
हेरोइन: 0.647 kg
LSD: 0.055 kg
स्मैक: 0.528 kg
MDMA: 0.579 kg
NCR में ड्रग्स की जब्ती बढ़ रही है। भारत के कई राज्य ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और तस्करी से जुड़ी गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं। ड्रग्स लाखों लोगों, खासकर युवाओं के स्वास्थ्य, भलाई और सुरक्षा पर असर डालते हैं। पुलिस को सबसे पहले ड्रग सप्लायर की पहचान करनी चाहिए, और पकड़े गए लोगों से पूछताछ करके, उन्हें मुख्य सप्लायर के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए और उनका पता लगाना चाहिए।
यह जिम्मेदारी स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच को दी जानी चाहिए। उन्हें गैंग को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पूरी अथॉरिटी दी जानी चाहिए। तभी ड्रग्स की सप्लाई कम होगी। ड्रग्स इस्तेमाल करने वालों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जाने चाहिए।
- शील मधु, पूर्व DGP, हरियाणा |
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