गोहाना के भगत फूल सिंह सरकारी महिला मेडिकल कॉलेज में राज्य की पहली नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (NELS) लैब स्थापित की जा रही है।
परमजीत सिंह, गोहाना। भगत फूल सिंह सरकारी महिला मेडिकल कॉलेज में एक नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (NELS) लैब बनाई जा रही है। यह लैब भारत सरकार की पहल पर बनाई जा रही है और यह राज्य के किसी भी मेडिकल कॉलेज में अपनी तरह की पहली लैब होगी। इस लैब के जरिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को इमरजेंसी स्थितियों में जान बचाने वाली मदद देने की स्टैंडर्ड ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब में बिजली की फिटिंग लगा दी गई है और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। उपकरण आने के बाद लैब का उद्घाटन किया जाएगा।
NELS प्रोग्राम का मकसद दिल का दौरा, गंभीर चोटें, सड़क दुर्घटनाएं, ज़्यादा खून बहना या दूसरी मेडिकल इमरजेंसी जैसी अचानक इमरजेंसी के दौरान तुरंत और सही बेसिक और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट देना है। यह लैब मेडिकल, सर्जिकल, कार्डियक और ट्रॉमा इमरजेंसी से जुड़े अलग-अलग हालात पर आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देगी। इस लैब में, ट्रेनिंग लेने वालों को सिखाया जाएगा कि किसी भी इमरजेंसी स्थिति में बिना घबराए, वैज्ञानिक और स्टैंडर्ड तरीकों का पालन करते हुए मरीज़ की जान कैसे बचाई जाए।
आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके असली जैसी स्थितियां बनाई जाएंगी ताकि ट्रेनिंग लेने वाले सही फैसले ले सकें और मौके पर ही तुरंत इलाज दे सकें। CPR, एयरवे मैनेजमेंट, शॉक मैनेजमेंट, दिल के दौरे और स्ट्रोक की पहचान, और गंभीर चोटों के तुरंत इलाज जैसी जरूरी तकनीकों पर ज़ोर दिया जाएगा। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, लैब बनने से अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं और मजबूत होंगी। इससे लोगों को बेहतर और तेज़ हेल्थकेयर सेवाओं का भी फायदा होगा। प्रशिक्षित स्टाफ किसी भी अनहोनी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत जान बचाने वाले कदम उठा पाएगा। इससे मृत्यु दर में कमी आएगी।
महिला यूनिवर्सिटी के स्टाफ को भी ट्रेनिंग दी जाएगी
मेडिकल कॉलेज के साथ ही भगत फूल सिंह महिला यूनिवर्सिटी भी है। यहां हज़ारों छात्राएं शिक्षा लेती हैं। मेडिकल कॉलेज में लैब तैयार होने के बाद सबसे पहले कॉलेज के स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद, महिला यूनिवर्सिटी के स्टाफ को भी इमरजेंसी स्थितियों में फर्स्ट एड देने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यूनिवर्सिटी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को यह ट्रेनिंग मिलेगी। इसके बाद वे कैंपस में या किसी सार्वजनिक जगह पर किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मदद दे पाएंगे।
- मेडिकल कॉलेज 2011 में शुरू हुआ था।
- रोजाना 2,200 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
- यहां 120 MBBS सीटें हैं, और MD कोर्स भी ऑफर किए जा रहे हैं।
राज्य की पहली NELS (नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट) लैब मेडिकल कॉलेज में बनाई जा रही है। इससे न सिर्फ मेडिकल शिक्षा को एक नया आयाम मिलेगा, बल्कि समाज को प्रशिक्षित और काबिल इमरजेंसी हेल्थकेयर प्रोवाइडर भी मिलेंगे। लैब में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, एम्बुलेंस स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जाएगी।
-डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज |