नई दिल्ली। आज के समय में सिबिल स्कोर काफी जरूरी हो गया है। सिबिल स्कोर का महत्व तब समझ आता है, जब आप लोन या उधार लेने जाए। आज हम जानेंगे कि सिबिल स्कोर की गणना किस आधार पर की जाती है?
स्कोर की गणना किस आधार पर होती है?
Cibil.com के अनुसार सिबिल स्कोर कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है।
क्या आप क्रेडिट बिल और ईएमआई (अगर पहले से हो) का भुगतान समय पर कर रहे हो?
आप अपने क्रेडिट कार्ड पर कितना निर्भर है और इसका कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं?
आप कितने लंबे समय से क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे हैं?
क्या आप विभिन्न प्रकार के क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं?
आप कितनी बार नए क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं?
कौन-सा सिबिल स्कोर है सबसे अच्छा?
NA/NH- अगर सिबिल स्कोर चेक करने पर आपको एनए और एनएच जैसा दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपका सिबिल स्कोर नहीं बना है। क्योंकि आपने अभी तक लोन या क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं किया है।
300 से 599- अगर किसी का सिबिल स्कोर 300 से 599 के बीच है, तो इसे खराब माना जाता है। ये दर्शाता है कि आप पेमेंट करने में देरी करते हैं। इस सिबिल स्कोर में आपको लोन मिलना मुश्किल होता है।
550-649-इसे भी कम माना जाता है। इस रेंज में आपको कुछ फाइनेंशियल संस्था लोन ऑफर कर सकती है।
650-749 -इस रेंज के सिबिल स्कोर को ठीक ठाक माना जाता है। इस रेंज में आपको सिक्योर लोन मिल जाता है। ये उधार देने वाले की पॉलिसी पर भी निर्भर करता है।
750-900-ये सिबिल स्कोर का सबसे अच्छा रेंज है। इस रेंज में हर कोई आपको लोन ऑफर करेगा। इसके साथ ही कुछ बैंक आपको कम ब्याज दर भी लोन ऑफर कर सकते हैं।  |