प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। 14 जनवरी को सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर मकर संक्रांति मनाई जाएगी। यह सूर्यदेव के उत्तरायण होने का पर्व है। औघड़नाथ मंदिर के पुजारी पंडित सारंगधर त्रिपाठी कहते हैं कि सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन बड़ी संख्या में गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद सूर्यदेव की पूजा की जाती है।
सूर्यदेव के पूजन से आरोग्यता का वरदान मिलता है। यह दिन व्रत, पूजन, दान, जप के लिए विशेष माना जाता है। तिल और गुड़ का दान विशेष महत्व रखता है।
दोपहर बाद करें दान, सूर्य मंत्र का जाप
भारत ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष भारत ज्ञान भूषण कहते हैं कि दोपहर 3:07 बजे के बाद सूर्य उत्तरायण होंगे। इसके बाद ही शुभ दिवस, शुभ तिथि शुरू होगी। इससे पहले मल मास ही रहेगा। सूर्य उत्तरायण होने के बाद मकर संक्रांति का परव आएगा। 14 जनवरी को ही षटतिला एकादशी होने से सूर्य नारायण के साथ भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होगी। इस दिन शुद्ध घी का दीपक जलाकर सूर्य को धूप व पुष्प अर्पित करें। सूर्य की ओर मुख करके ओम घृणि सूर्याय नम: मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें। |