वन्यजीवों को हीटर, कंबल से ठंड से बचाने में जुटा जू प्रशासन। आर्काइव
जागरण संवाददाता, देहरादून। कड़ाके की ठंड ने देहरादून चिड़ियाघर की रौनक का रंग बदल दिया है। जहां एक ओर सर्पबाड़े में सांप-अजगर समेत सभी सरीसृप शीत निद्रा में चले जाने से पर्यटक उन्हें देखने से वंचित हैं, वहीं दूसरी ओर बाघ, गुलदार और सांभर जैसे वन्यजीवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी चिड़ियाघर पहुंच रहे हैं। हालांकि, ठंड का असर इन पर भी साफ दिख रहा है और बाघ दिनभर घाम तापते नजर आ रहे हैं।
चिड़ियाघर के प्रभारी रेंजर विनोद लिंगवाल के अनुसार तापमान गिरने के साथ ही सभी रेप्टाइल प्रजाति के जीव हाइबरनेशन में चले गए हैं। सांप, अजगर और इगुआना अब करीब तीन माह तक निष्क्रिय अवस्था में रहेंगे। फरवरी में ठंड कम होने के बाद ही इनके दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इस बार ठंड अपेक्षाकृत कम रहने के कारण रेप्टाइल सामान्य से कुछ देर से हाइबरनेट हुए।
स्नेक हाउस में इन दिनों सांप कंबल और बुरादे के बीच छिपे हुए हैं। ठंड से बचाव के लिए बाड़ों में हीटर लगाए गए हैं और तापमान नियंत्रित रखा जा रहा है। इसके बावजूद सुप्तावस्था के कारण सांपों का दीदार संभव नहीं हो पा रहा, जिससे कई पर्यटक निराश लौट रहे हैं। देहरादून जू के स्नेक हाउस में किंग कोबरा, इंडियन कोबरा, रसल वाइपर जैसे जहरीले सांपों समेत कुल 11 प्रजातियां रखी गई हैं, जो सभी कोल्ड ब्लडेड जीव हैं।
बाघ-गुलदार खींच रहे पर्यटकों का ध्यान
रेप्टाइल के निष्क्रिय होने के बीच बाघ और गुलदार चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। हालांकि, ठंड के कारण उनकी सक्रियता भी कम है। चिड़ियाघर के पशुचिकित्सक डा. प्रदीप मिश्रा के अनुसार बंगाल टाइगर के आहार में ठंड के मौसम को देखते हुए बदलाव किया गया है। उसे रोजाना नौ किलो मांस के साथ गुड़, कच्चा अंडा, शहद और मल्टीविटामिन सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
जानवरों के खानपान में बदलाव, बाड़ों में हीटर
ठंड से बचाव के लिए हिरनों को गुड़ के साथ अजवाइन और हींग मिला उबला पानी दिया जा रहा है। जो जीव अंडा खा सकते हैं, उन्हें सुबह-शाम अंडे दिए जा रहे हैं। बाड़ों की छत पर पराली और जमीन पर कंबल बिछाए गए हैं। तापमान पर नजर रखने के लिए थर्मामीटर लगाए गए हैं।
मकाऊ के लिए खास डाइट
चिड़ियाघर के मकाऊ तोतों के लिए अलग डाइट तय की गई है। इन्हें अखरोट, काजू जैसे ड्राई फ्रूट दिए जा रहे हैं। दक्षिण अमेरिका के जंगलों में पाए जाने वाले ये रंग-बिरंगे मकाऊ सुबह सूरज की पहली किरण के साथ सक्रिय हो जाते हैं और अपनी तेज आवाज से माहौल को जीवंत बनाए रखते हैं।
स्नेक हाउस पर एक नजर
- बर्मीज पाइथन
- रसल वाइपर
- किंग कोबरा
- कोबरा
- सैंड बोआ
- रेटिकुलेटेड पाइथन
- राक पाइथन
- ट्री स्नेक
- रैट स्नेक
- वाल पाइथन
- इगुआना
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