हथियारों के साथ पुलिसकर्मियों ने इंटरनेट मीडिया पर डाली रील-फोटो, डीएसपी ने चेतावनी देकर छोड़े।
राजेश भादू, फतेहाबाद। हथियारों के साथ इंटरनेट मीडिया में फोटो अपलोड करना कानून अपराध है। अक्सर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करती है। पिछले दिनों ही कई लोगों पर हर्ष फायरिंग व फोटो अपलोड करने पर मामला दर्ज हुआ।
वहीं, पुलिस कर्मचारियों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर फोटो अपलोड करना अब उनकी गले की हड्डी बनी हुई है, हालांकि डीएसपी जगदीश काजला ने उनको एक बार चेतनावी देकर बचाव कर दिया, लेकिन अब शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई व मामला दर्ज करवाने के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है।
शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता सुशील धारनिया का कहना है कि उसने 9 लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। जिसमें सात लोग पुलिस के शामिल हैं। इनमें कई पुलिसकर्मियों ने हथियारों के साथ फोटो ही नहीं रिल भी बनाई। इसमें कई महिला पुलिसकर्मी है।
उसने पुलिस की हथियारों के साथ फोटो व रिल के लिंक समेत पुलिस को शिकायत दी, लेकिन जांच सही से नहीं हुई। ऐसे में जिनके खिलाफ सबूत के साथ शिकायत दी थी, उनको बचा लिया गया। अब उसने जांच करने वाले अधिकारी व सभी लोगों के खिलाफ डीजीपी को शिकायत भेजी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि हाईकोर्ट का भी आदेश है कि कोई पुलिसकर्मी गलत तरीके से फेसबुक पर हथियारों के साथ फोटो अपलोड नहीं कर सकता।
इन लोगों के खिलाफ दी शिकायत
शिकायतकर्ता ने डीजीपी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि इट्स मीना कुमार नामक आईडी पुलिसकर्मी मीना कुमारी की है। जिन्होंने विभिन्न प्लेटफार्म पर अपनी आईडी बनाई हुई है। जिसमें वे ड्यूटी टाइम पर रील बनाकर कर गलत संदेश दे रही है। महिला पुलिसकर्मी वर्दी समेत कई यातायात के नियम तोड़ते हुए दिखाई देती है। इसी तरह सुमन सैनी 716 आईडी महिला पुलिसकर्मी सुमन की है। जिनको रील बनाने का क्रेज है। वह भी पुलिस की वर्दी व हथियारों की रील बनाकर पोस्ट करती रहती है।
एक एचसी मोनू नामक आईडी पुलिसकर्मी मोनू की है। जो हथियारों के साथ रील बनाने का शौक रखता है। दो तीन फोटो तो बिना पुलिस की वर्दी के हथियारों के साथ फोटो अपलोड की हुई है। पुलिसकर्मी अमरजीत ने भी फेसबुक हथियारों के साथ फोटो की डीपी अपलोड की हुई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रेणु जांगड़ा 78 नामक आईडी एक महिला पुलिसकर्मी की है। जिसने अपनी आईडी पर कई वीडियो अपलोड किए हुए है, जो ड्यूटी टाइम के है। इसी तरह एक सीओपी इट्स हैप्पी सोल नामक आईडी पर सोनिया नामक पुलिसकर्मी ने कई हथियारों के साथ फोटो अपलोड किए हुए है और कई पंजाबी गानों पर रिल भी बनाई।
इसी तरह एक इंस्टाग्राम पर पूजा जाखड़ नामक पुलिसकर्मी ने भी हथियारों के साथ फोटो डाल रखे है। वहीं पुष्पा सिहाग रोड पर बैठकर वर्दी में फेसबुक पर फोटो अपलोड की हुई है। इसी तरह गांव बड़ोपल के लीलू थापन व धारनिया के सुशील पोटलिया ने भी हथियारों के साथ फोटो अपलोड की।
जांच में शामिल होने से पहले फोटो हटाए
शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस ने उनके खिलाफ सीधा मामला दर्ज न करते हुए पहले जांच में शामिल किया। ऐसे में सभी आरोपितों ने फोटो हटाया तो उनको बचा लिया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच में शिकायतकर्ता शामिल नहीं हुआ। पूरे मामले की पड़ताल पहले डीएसपी दिव्यांशी सिंगला ने की। इसके बाद फिर से जांच डीएसपी जगदीश काजला द्वारा की गई।
जिसमें सुमन कुमारी ने बताया कि उसके पहले फोटो अपलोड थे। उन्हें हटा दिए गए। अब सिर्फ जागरूकता संबंधित वीडियो ही है। पुष्पा सिहाग ने अपने बयान में बताया कि फेसबुक पर जो उसकी प्रोफाइल फोटो हांसी की है, जिसमें कानून का उल्लंघन नहीं किया। वहीं पुलिसकर्मी अमरजीत ने बताया कि वह फेसबुक नहीं चलाता। उसके मामा के लड़के ने आईडी बनाई थी। उसी पर एक फोटो अपलोड की है। इसी तरह मोनू ने बताया कि उसकी जो फोटो है वे काफी पुरानी है। अब उनको हटा दिया गया।
निरीक्षक पुष्पा तथा उप निरीक्षक अमरजीत सिंह द्वारा किसी प्रकार का कोई आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं किया गया है। शिकायत के साथ संलग्न फोटो उनके फेसबुक खाते की प्रोफाइल फोटो मात्र पाई गई, जो काफी पुरानी है। इसी प्रकार महिला सिपाही रेनु, ईएएसआइ सुमन कुमारी तथा मुख्य सिपाही मोनू कुमार द्वारा भी केवल पुरानी फोटो या वीडियो ही सोशल मीडिया पर अपलोड पाई गई, जिनका किसी अपराध अथवा भय फैलाने से कोई संबंध नहीं पाया गया। जो बाद में उन्होंने फोटो हटा दिया गया। फिर भी भविष्य में इस प्रकार की गतिविधि न करने के लिए सभी संबंधित पुलिस कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। इसी तरह धारनिया निवासी सुशील कुमार की फोटो 2017 की है। उसकी आईडी 2019 में बंद है। ऐसे में जांच करते हुए शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया गया। - जगदीश काजला, डीएसपी |
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