जागरण संवाददाता, बागपत। 28 साल से कोतवाली की बिल्डिंग में चल रहे एसपी आफिस का निर्माण इस वर्ष रिजर्व पुलिस लाइन में शुरू होगा। स्टेडियम की तर्ज पर परेड ग्राउंड बनेगा। साइबर क्राइम थाना भी बनेगा।
इतना ही नहीं गेस्ट हाउस और पुलिसकर्मियों के लिए 13 मंजिला भवन और बनेंगे। इससे पुलिस अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ठहरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं पुलिसकर्मियों को किराए के घरों में रहने से छुटकारा मिलेगा। इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
वहीं अपराधियों पर और शिकंजा कसने की कवायद भी शुरू कर दी है। प्रदेश में सबसे अधिक छह माफिया बागपत जनपद के हैं। इन पर कठोर कार्रवाई होगी। अदालत में मजबूत पैरवी के लिए मुकदमों के गवाहों को सुरक्षा मुहैय्या करा दी गई है। पुलिस का मकसद माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।
35 फीसदी पुलिसकर्मी रहते हैं किराए के घरों में
बागपत में दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी हैं। इनमें से करीब 35 प्रतिशत पुलिसकर्मी सरकारी आवास के अभाव में किराए के घरों में रहते हैं। एएसपी खुद कलक्ट्रेट के पास आफिसर्स कालोनी में रहते हैं। कई पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ मेरठ, गाजियाबाद या अन्य जनपदों में रहते हैं।
सुबह बस या निजी वाहन से ड्यूटी करने बागपत आते हैं और शाम को वापस घर लौट जाते हैं। मजबूरन पुलिसकर्मियों को अधिक धनराशि खर्च कर किराए के मकानों में रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पुलिसकर्मी के आवास की बड़ी समस्या मानते हुए इसके निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
एक के बाद एक भवन निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की जा रही है। रिजर्व पुलिस लाइन से लेकर प्रत्येक थाने में भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही पुलिसकर्मियों को आवास की समस्या से निजात मिलेगी।
प्रत्येक टाइप के आवास, लिफ्ट की भी सुविधा
रिजर्व पुलिस लाइन में प्रत्येक टाइप के आवास बनाए जा रहे हैं। पद के आधार पर पुलिसकर्मियों को आवास आवंटित किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को आवास में आने-जाने में दिक्कत न हो, इसलिए लिफ्ट की सुविधा दी गई है।
पंचायत चुनाव निष्पक्ष कराना बड़ी चुनौती
पंचायत चुनाव की दृष्टि से प्रदेश में बागपत संवेदनशील जनपदों की श्रेणी में शामिल है। यहां पर चुनाव के समय अक्सर खून खराबा होता है। चुनाव की घोषणा होने से पहले से ही गांवों में विवाद चुनावी रंजिश शुरू हो गई है। चुनाव में रास्ते से हटाने के लिए ग्राम सिरसली के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र तोमर की हत्या कर दी गई है।
ग्राम बिहारीपुर गांव में दुकानदार ऋषिपाल की हत्या ग्राम प्रधान देवप्रिय चौधरी ने इसलिए की, क्योंकि उनके द्वारा आगामी चुनाव में समर्थन करने से मना कर दिया था।
ऐसी स्थिति में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए अफसरों ने प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अपने ही बन रहे अपनों के दुश्मन, बहा रहे खून
मामूली विवाद में अपने ही अपनों के दुश्मन बन रहे हैं और खून से हाथ रंग रहे हैं। पिछले साल हुई 50 हत्या की घटनाओं में से करीब 30 में अपने या करीबी शामिल रहे हैं। इन घटनाओं पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। जरूरी है कि लोग समझदारी से काम लें और मामूली विवाद में झगड़ा न करें। पुलिस भी थाने, चौकी पर आने वाली छोटे-छोटी घटनाओं पर उचित कार्रवाई करें, नजरअंदाज न करें।
इनकी भी है उम्मीद-
- दो नए थाने खुलेंगे।
- बड़ौत में फायर स्टेशन बनेगा।
- संसाधन की कमी दूर होगी।
- मुकदमे संबंधित वाहनों के लिए यार्ड बनेगा।
- थाने कंप्यूटरीकरण होंगे।
रिजर्व पुलिस लाइन में एसपी आफिस, साइबर क्राइम थाना, गेस्ट हाउस और स्टेडियम की तर्ज पर परेड ग्राउंड बनेगा, जिनकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश की माफिया सूची में 61 अपराधी शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा बागपत के छह अपराधी हैं। प्रत्येक को सजा कराने के लिए अदालत में प्रभावी पैरवी की जा रही है। गवाहों को सुरक्षा मुहैय्या कर दी गई है। पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराया जाएगा।
-सूरज कुमार राय, एसपी। |
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