पक्के रंग को छोड़ इस बार हर्बल गुलाल बन रहा लोगों की पहली पसंद - एआई जनरेटेड तस्वीर
जागरण संवाददाता, शामली। होली का पर्व नजदीक आने के साथ ही बाजारों में भी तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार लोग कांच, पक्के रंग के स्थान पर हर्बल गुलाल अधिक खरीदना पसंद कर रहे है। लोगों का मानना है कि यह प्रेम का पर्व है, ऐसे में कांच, पक्के रंग से लोगों के चेहरे खराब हो सकते है। इसलिए अधिकतर लोगों को हर्बल गुलाल का प्रयोग करना चाहिए।
चार मार्च को रंग की होली पर्व को लेकर बाजार अभी से गुलजार हो चुके है। होली के पर्व को लेकर बाजारों में भी तैयारियां शुरू हो गई है। रंग, गुलाल, पिचकारी और अन्य आइटमों से दुकानें सजनी शुरू हो गई है। होली के नजदीक आते-आते भीड़ बढ़ती जाएगी।
हलवाई भी होली की मिठाई तैयार करने की अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। होली की खास मिठाई गुजियां की खुशबू भी बिखरने लगी है। पिछले सालों की तरह इस बार भी हर्बल रंगों की मांग अधिक है और इसी देखते हुए दुकानदारों ने अच्छा-खासा स्टाक मंगाया है।
बच्चों को लुभाने के लिए बाजार में काफी कुछ खास है। बाजार में ऐसी पिचकारियों की काफी डिमांड है, जिनसे पानी नहीं बल्कि गुलाल निकलता है। दुकानों पर ऐसी पिचकारियों का पूरा पैक है। इसमें गुलाल के भी कई पैकेट हैं। बाजारों में 10 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक कीमत की पिचकारियां सज गयी है।
वहीं कई तरह के गुलाल जिनमें चंदन, गुलाब, केसर आदि भी सजे हुए हैं। बच्चों के लिए भी कई तरह की पिचकारियां बाजार में आई हैं जिनमें गुलाल वाला प्रेशर सिलेंडर, रंग वाले पटाखे, कई तरह के मुखौटे भी आ गए हैं इनसे गुलाल निकलेगा और हल्की आवाज भी होगा।
ऐसे भी कई उत्पाद हैं, जिनसे सिर्फ गुलाल ही निकलेगा। इन्हें जलाकर हाथ में पकड़े रख सकते हैं। बंदूक वाली पिचकारियां भी बाजार में छा गयी है। दुकानदार मनीष गर्ग ने बताया कि होली के त्यौहार को लेकर सफेद रंग की प्रिटेड टी-शर्ट भी बाजार में उतारी गई हैं। बच्चों के पसंदीदा कार्टून छोटा भीम, मोटे-पतलू, डोरेमोन आदि के किरदारों की फोटो वाली पिचकारियों की भी भरमार है।  |