जागरण संवाददाता, लखनऊ। सुलतानपुर रोड की स्वास्तिका सिटी में जमीन विवाद में लेनदेन से जुड़े मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में स्वास्तिका सिटी निवासी फौजी अरविंद सिंह ने एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर आरोप लगाए थे कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह प्लाट पर मकान नहीं बनवाने दे रहे हैं।
शनिवार को अचानक फौजी ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिणी निपुण अग्रवाल के सामने पेश होकर पूर्व सांसद के खिलाफ शिकायत वापस लेते हुए हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह यादव और उसके प्रापर्टी डीलर भाई संतोष यादव पर कार्रवाई की मांग की।
फौजी का कहना है कि बहकावे में आकर पूर्व सांसद के खिलाफ बयान दिया था। डीसीपी ने गोसाईगंज एसीपी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला उस समय चर्चा में आया था।
जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित फौजी का बयान जिसमें धनंजय सिंह पर आरोप लगा रहे थे प्रेंस काफ्रेंस में दिखाया था।
स्वास्तिका सिटी में फौजी अरविंद सिंह ने एक प्लाट खरीदा था। उन्होंने डीसीपी से मिलकर बताया कि सुलतानपुर रोड के अर्जुनगंज निवासी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह यादव, उसके भाई संतोष यादव ने लाखों रुपये लेकर एक प्लाट की रजिस्ट्री करने की बात कही थी।
दोनों ने ठगी कर रुपये ले लिए लेकिन आज तक प्लाट पर कब्जा नहीं दिया। पूछने पर काफी दिन टरकाते रहे और रुपये मांगने पर धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि जितेंद्र और उसके भाई ने बहकाकर एक वीडियो बनवाया और उसमें पूर्व सांसद धनंजय का नाम लेने की बात कही।
बाद में पीड़ित को समझ आया कि प्लाट पर कब्जा देने से बचने के लिए जितेंद्र ने पूरी साजिश रची थी। साजिश समझ आने पर उन्होंने डीसीपी से मुलाकात कर मामले की शिकायत की है। डीसीपी ने बताया कि मामले की जांच गोसाईगंज एसीपी को दी गई है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
अरविंद का दावा है कि जितेंद्र और उसके भाई ने अर्जुनगंज, सरसवां, अहिमामऊ इलाके में कई लोगों से प्लाट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे हैं। रुपये वापस मांगने पर लोगों को धमकाया जाता है।
अरविंद के साथ ही कई अन्य पीड़ितों ने भी डीसीपी से कार्रवाई की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों के चलते जितेंद्र पूर्व में जिला बदर हो चुका है। एक यूट्यूबर भी जितेंद्र और संतोष के रैकेट में शामिल है। |
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