जागरण संवाददाता, लखनऊ। इंदिरा नगर के सुग्गामऊ में शुक्रवार की रात मंदिर में जल रहे दीपक से घर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से कमरे में मौजूद चार वर्षीय बच्ची बुरी तरह झुलस गई।
परिवारजन और पड़ोसियों ने उसे निजी अस्पताल पहुंचाया जहां से राम मनोहर लोहिया संस्थान रेफर कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुग्गामऊ के हनुमंत पुरम डूडा कालोनी निवासी सुमित कुमार निजी वाहन चालक हैं। सुमित के मुताबिक, शुक्रवार रात वह काम से लौटे थे फिर पत्नी शिल्पी के साथ सब्जी और घर का अन्य सामान लेने पास ही बाजार चले गए। घर में उनकी छह वर्षीय बेटी पंखुड़ी और चार वर्षीय अविका सो रही थी।
इसी दौरान घर के मंदिर में रखे दीये से पास लगे पर्दे में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरे कमरे में धुआं भर गया। आग देख बड़ी बेटी पंखुड़ी शोर मचाते हुए कमरे से बाहर भागी लेकिन अविका अंदर ही रह गए।
शोरगुल सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सुमित को फोन कर बुलाया। पड़ोसियों ने खुद ही आग बुझानी शुरू कर दी। धुएं के चलते अविका बाहर नहीं निकल पाई और बुरी तरह झुलस गई।
सुमित और पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और अविका को इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने अविका को लोहिया संस्थान रेफर कर दिया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
आग में जलकर राख हो गया बेटी को पढ़ाने का सपना: सुमित बताते हैं कि बेटी का इसी वर्ष निजी स्कूल में एडमिशन कराया था। पढ़ा-लिखाकर उसे डाक्टर बनाने का सपना देख रहे थे।
आग में सिर्फ बेटी ही नहीं बल्कि सपना भी जलकर राख हो गया। घटना के बाद से सुमित और उनकी पत्नी खुद को संभाल नहीं पा रही हैं। आग की चपेट में आने से घर में रखा काफी सामान भी जल गया है। |
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