नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री बिहार
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एग्री स्टैक महाअभियान की अवधि बढ़ा दी है। अब राज्य में किसान आईडी (Farmer ID) रजिस्ट्रेशन 21 जनवरी तक किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य अभियान के तहत शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि एग्री स्टैक महाअभियान के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक किसानों का सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है, जो राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय, जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका और फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों के अथक प्रयासों का परिणाम है।
यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और वे डिजिटल रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि अभियान की विस्तारित अवधि के दौरान राज्य के हर पात्र किसान को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जाए।
इसी उद्देश्य से महाअभियान की समय-सीमा बढ़ाकर 21 जनवरी कर दी गई है, ताकि कोई भी किसान पंजीकरण से वंचित न रह जाए।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने शनिवार को अभियान की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 9 जनवरी को निर्धारित 2,68,500 किसानों के दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया।
इस प्रकार लगभग 69.30 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में रजिस्ट्रेशन की गति और तेज की जाएगी, ताकि लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।
सीके अनिल ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान कई जिलों ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल’ प्रस्तुत किया है। मुजफ्फरपुर जिले ने 138.51 प्रतिशत और वैशाली ने 137 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
इन दोनों जिलों ने लगातार दूसरे दिन भी 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य पूरा किया। इसके अलावा अररिया, भागलपुर और कटिहार जिलों ने भी सौ प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की है।
हालांकि, कुछ जिले अभी भी लक्ष्य से पीछे हैं। मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सिवान, सारण और कैमूर जिलों में उपलब्धि 40 से 70 प्रतिशत के बीच रही है।
वहीं पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, पटना, लखीसराय और मुंगेर जैसे जिलों में राज्य औसत से कम रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया है।
सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष निगरानी रखते हुए अभियान को गति दी जाए, ताकि 21 जनवरी तक एग्री स्टैक रजिस्ट्रेशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। |